चूड़ियां किस दिन खरीदना शुभ माना जाता है? जानें सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में कौन से दिन शुभ हैं और चूड़ियां पहनने से जुड़े धार्मिक नियम।
Which Day is Good to Buy Bangles
- Published: 01 Sep 2026, 09:21 AM IST
- Last Updated: 01 Sep 2026, 09:21 AM IST
भारतीय संस्कृति में चूड़ियों का संबंध केवल सजने-संवरने से नहीं है। खासकर विवाहित महिलाओं के लिए इन्हें सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में नई चूड़ियां खरीदने के लिए सप्ताह के कुछ दिनों को शुभ बताया गया है।
मान्यता के अनुसार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को चूड़ियां खरीदना अच्छा माना जाता है। वहीं मंगलवार और शनिवार को इनकी खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है।
सोमवार को चूड़ियां खरीदना
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इस दिन श्रृंगार और सुहाग से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी को शुभ माना गया है। इसलिए नई चूड़ियां खरीदने के लिए सोमवार को भी अच्छा दिन माना जाता है।
बुधवार को खरीदारी की मान्यता
बुधवार को नई चीजों की खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है। इसी मान्यता के चलते इस दिन चूड़ियां खरीदना भी अच्छा माना जाता है।
गुरुवार को चूड़ियां खरीदना
गुरुवार का संबंध भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति से माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में इस दिन को शुभ कार्यों और मांगलिक चीजों की खरीदारी के लिए विशेष माना गया है।
शुक्रवार को चूड़ियां खरीदना सबसे खास क्यों?
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी से जुड़ा माना जाता है। धन, समृद्धि और सौभाग्य से संबंधित वस्तुओं की खरीदारी के लिए इस दिन को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी वजह से धार्मिक मान्यताओं में शुक्रवार को चूड़ियां खरीदने के लिए भी शुभ माना गया है।
किन दिनों में चूड़ियां खरीदने से बचें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार और शनिवार को नई चूड़ियां खरीदने से परहेज करना चाहिए। इन दिनों को सुहाग और सौभाग्य से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। हालांकि, ये बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में परंपराएं अलग हो सकती हैं।
दोनों हाथों में कितनी चूड़ियां पहनें?
चूड़ियां पहनने की संख्या को लेकर भी कुछ पारंपरिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इनके अनुसार दोनों हाथों में बिल्कुल समान संख्या में चूड़ियां पहनना शुभ नहीं माना जाता।
बाएं हाथ में: विषम संख्या यानी 3, 5, 7, 9 या 11 चूड़ियां पहनने की मान्यता है।
दाएं हाथ में: सम संख्या यानी 2, 4, 6, 8, 10 या 12 चूड़ियां पहनने की परंपरा बताई जाती है।
किस रंग की चूड़ियां शुभ मानी जाती हैं?
सुहाग के प्रतीक के रूप में कांच की चूड़ियों को विशेष महत्व दिया जाता है। लाल, हरे और पीले रंग की चूड़ियों को धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है।
लाल रंग को प्रेम और सुहाग से जोड़ा जाता है।
हरा रंग खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पीला रंग शुभता से संबंधित माना जाता है। नई शादी के बाद कुछ परंपराओं में महिलाओं को शुरुआत में काले या बहुत गहरे रंग की चूड़ियां पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।
नई चूड़ियां पहनने का सही समय
मान्यता के अनुसार नई चूड़ियां सुबह या शाम के समय पहनना शुभ माना जाता है। रात में नई चूड़ियां पहनने से बचने की परंपरा भी कुछ जगहों पर देखने को मिलती है।
नई चूड़ियां खरीदने के बाद उन्हें सीधे पहनने के बजाय पहले माता पार्वती या मां गौरी को अर्पित करने की मान्यता है। इसके बाद माता का आशीर्वाद लेकर चूड़ियां पहनने की परंपरा निभाई जाती है।
नोट: चूड़ियां खरीदने या पहनने से जुड़े ये नियम धार्मिक और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका पालन करना व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर निर्भर करता है।