
रैपिडो राइडर ने 30 मिनट किया इंतजारImage Credit source: X/@lakshaymehta08
रैपिडो या किसी भी बाइक टैक्सी की राइड बुक करते समय अक्सर लोग सिर्फ ऐप पर दिख रहे किराए को ही पूरी पेमेंट मान लेते हैं. लेकिन असल में राइड की कीमत सिर्फ दूरी और किराए तक सीमित नहीं होती. अगर ड्राइवर को लंबे समय तक इंतजार करना पड़े, तो उसके समय की भी अपनी कीमत होती है. हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इसी मुद्दे को लेकर बहस छेड़ दी है. वीडियो में एक लड़की रैपिडो बाइक से कहीं जाने के लिए पहुंचती है, लेकिन उससे पहले ड्राइवर को करीब 30 मिनट तक उसका इंतजार करना पड़ता है. जब लड़की आखिरकार बाइक के पास पहुंचती है, तो वह साफ कहती है कि वह सिर्फ उतने ही पैसे देगी, जितना किराया ऐप पर दिख रहा है. उसका कहना था कि वेटिंग के लिए अलग से पैसे देने से उसका कोई लेना-देना नहीं है.
ड्राइवर इस बात से नाराज हो जाता है. वह लड़की से कहता है कि उसे 50 रुपये वेटिंग चार्ज के भी देने होंगे. उसका तर्क था कि कंपनी उसे सिर्फ राइड के पैसे देती है और इतने लंबे समय तक किसी यात्री का इंतजार करने पर उसके समय का नुकसान होता है. ड्राइवर ने साफ कह दिया कि अगर लड़की सिर्फ 150 रुपये का राइड किराया ही देगी, तो वह उसे लेकर नहीं जाएगा.
ड्राइवर की बात से बंट गए लोग
लड़की भी अपनी बात पर अड़ी रहती है. वह वेटिंग चार्ज देने के लिए तैयार नहीं होती. दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती है. आखिरकार ड्राइवर गुस्से में कह देता है कि अब वह राइड नहीं करेगा और लड़की से राइड कैंसिल करने के लिए कहता है. इसके बाद राइड कैंसिल कर दी जाती है.
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई. कुछ लोगों का कहना है कि ऐप पर वेटिंग चार्ज का नियम पहले से मौजूद होता है. ऐसे में अगर कोई यात्री ड्राइवर को आधे घंटे तक रोकता है, तो उसे उस अतिरिक्त समय का चार्ज देना चाहिए. वहीं, कुछ यूजर्स ने इस मामले को सिर्फ 50 रुपये के नजरिए से देखने के बजाय ड्राइवर के समय से जोड़कर देखा. उनका कहना है कि 30 मिनट में ड्राइवर दूसरी राइड ले सकता था और कुछ एक्सट्रा कमाई कर सकता था. इसके बजाय उसे बिना कमाई के यात्री का इंतजार करना पड़ा.
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एक यूजर ने यह भी कहा कि इतने लंबे इंतजार के बाद मिलने वाली रकम शायद ड्राइवर के नुकसान की पूरी भरपाई भी न कर पाए. ऐसे में मामला सिर्फ वेटिंग चार्ज का नहीं, बल्कि एक-दूसरे के समय और काम की कद्र करने का भी है. आखिरकार, राइड बुक करने का मतलब यह नहीं कि ड्राइवर का पूरा समय यात्री के लिए मुफ्त में उपलब्ध है. कुछ मिनट की देरी अलग बात है, लेकिन आधे घंटे तक इंतजार करवाने पर नियमों और ड्राइवर के समय, दोनों का ध्यान रखना जरूरी है.
यहां देखिए वीडियो
A girl booked a Rapido and made the rider wait.
RIDER: Ill charge ₹50 extra. Ive been waiting for you for 30 minutes.
GIRL: What? Thats not how it works. Ill pay only ₹150, thats what the Rapido app is showing 😳
RIDER: Im not working for you. The company doesnt pay pic.twitter.com/NYreubs7CR
— Lakshay Mehta (@lakshaymehta08) August 13, 2026

आयुष कुमार
आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.<p></p> अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. <p></p>फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.
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