विंध्य विकास प्राधिकरण ने हर जिले के लिए ₹5 करोड़ की शुरुआती मांग रखी है। अध्यक्ष पंचू लाल प्रजापति ने CM से मुलाकात कर बजट की मांग की, वहीं कांग्रेस ने सरकार और प्राधिकरण पर सवाल उठाए हैं।
Panchu Lal Prajapati
- Published: 14 Sep 2026, 09:03 AM IST
- Last Updated: 14 Sep 2026, 09:03 AM IST
Vindhya Development Authority: विंध्य विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष और पदाधिकारियों के चयन के बाद अब विकास कार्यों के लिए बजट का इंतजार है। प्राधिकरण ने विंध्य के 10 जिलों के लिए शुरुआती तौर पर ₹50 करोड़ की मांग सरकार के सामने रखी है। इसके तहत प्रत्येक जिले के लिए ₹5 करोड़ प्रस्तावित हैं। अध्यक्ष पंचू लाल प्रजापति के मुताबिक बजट मिलने के बाद जिलों में जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। वहीं कांग्रेस ने इस बजट मांग को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
विंध्य विकास प्राधिकरण को बजट का इंतजार, मांगे ₹50 करोड़
विंध्य विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के चयन के बाद अब विकास कार्यों को जमीन पर उतारने की तैयारी है। हालांकि, प्राधिकरण को अभी तक सरकार से बजट नहीं मिला है। बजट के अभाव में प्रस्तावित विकास कार्य शुरू करने में दिक्कत आ रही है।
प्राधिकरण ने फिलहाल विंध्य के 10 जिलों के लिए ₹50 करोड़ की शुरुआती बजट मांग रखी है। इसमें प्रत्येक जिले के लिए ₹5 करोड़ की राशि प्रस्तावित की गई है।
CM से मुलाकात कर रखी बजट की मांग
प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचू लाल प्रजापति ने बताया कि बजट को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मांग रखी गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के माध्यम से क्षेत्र में विकास कार्य किए जाने हैं और इसके लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध होना जरूरी है।
अध्यक्ष के मुताबिक सरकार से राशि मिलने के बाद अलग-अलग जिलों में स्थानीय जरूरतों को देखते हुए विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी।
फिलहाल प्राधिकरण की नजर सरकार की ओर से मिलने वाली बजट राशि पर है। शुरुआती तौर पर मांगे गए ₹50 करोड़ से किन कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, यह बजट मिलने के बाद तय किया जाएगा।
कांग्रेस ने बजट मांग पर उठाए सवाल
प्राधिकरण की बजट मांग को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विनोद शर्मा ने इस मांग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह राशि जनता के विकास के बजाय नेताओं के हित में इस्तेमाल करने के लिए मांगी जा रही है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में विंध्य के विकास को लेकर गंभीर है तो बजट का इस्तेमाल क्षेत्र की जनता की जरूरतों और लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा करने में किया जाना चाहिए।
अब सरकार के फैसले पर नजर
विंध्य विकास प्राधिकरण की ओर से 10 जिलों के लिए ₹50 करोड़ की शुरुआती मांग किए जाने के बाद अब सरकार के फैसले का इंतजार है। बजट स्वीकृत होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन जिलों में कौन से विकास कार्य प्राथमिकता से शुरू किए जाएंगे।
फिलहाल एक तरफ प्राधिकरण बजट मिलने की उम्मीद कर रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने बजट की मांग और उसके संभावित इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े किए हैं।