Video: इंडियन आर्मी के कॉम्बैट डॉग का पहली बार हैरतअंगेज स्टंट, प्लेन से हैंडलर और पैराट्रूपर के साथ किया जंप

Published on 16 सित॰ 2026

Indian Army Combat Dog’s Sky Diving: एक अहम एयरबोर्न ट्रेनिंग एक्सरसाइज में इंडियन आर्मी के एक कॉम्बैट डॉग ने अपने हैंडलर और एक पैराट्रूपर के साथ मिलकर टैंडम पैराशूट जंप में हिस्सा लिया. ये एक्सरसाइज सेंट्रल इंडिया में बेहात ड्रॉप जोन में की गई और इससे सेना की मिलिट्री डॉग्स के ऑपरेशनल यूज को बढ़ाने की कोशिशों का पता चलता है.

एयरबोर्न एक्सरसाइज में डॉग शामिल

भारतीय सेना की सूर्या कमांड ने ‘एक्स’ पर इस एक्सरसाइज की जानकारी शेयर की. उन्होंने इसे डॉग हैंडलर और मिलिट्री डॉग के साथ किए गए शुरुआती टैंडम पैराशूट जंप में से एक बताया. नीचे उतरते समय पैराट्रूपर, डॉग हैंडलर और कॉम्बैट डॉग ने पूरा कॉम्बैट लोड ले रखा था. सेना ने कहा कि इस एक्सरसाइज से सैनिकों और उनके डॉग के बीच जरूरी तालमेल, भरोसे और टीमवर्क का पता चला.

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ये जंप कॉम्बैट डॉग के साथ पहले की गई फ्री-फॉल ट्रेनिंग पर बेस्ड है. ऐसी एक्सरसाइज से ट्रेंड डॉग्स को उन मिशन के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है, जहां सैनिकों को एयरबोर्न ऑपरेशन के जरिए मुश्किल या दुश्मन वाले इलाकों में जाना पड़ता है.

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"𝗣𝗮𝘄𝘀 𝗶𝗻 𝘁𝗵𝗲 𝗦𝗸𝘆, 𝗖𝗼𝘂𝗿𝗮𝗴𝗲 𝗼𝗻 𝘁𝗵𝗲 𝗚𝗿𝗼𝘂𝗻𝗱."

In a remarkable display of courage, precision and combat readiness, a paratrooper of #SuryaWarrior undertook a tandem parachute jump over Behat DZ with a dog handler and his combat canine, carrying a full… pic.twitter.com/4S48kbNKCm

— SuryaCommand_IA (@suryacommand) September 15, 2026

मिलिट्री डॉग्स का रोल

मिलिट्री डॉग्स लंबे समय से भारतीय सुरक्षा बलों की मदद कर रहे हैं, जैसे कि आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन, तलाशी और ट्रैकिंग में. उनकी सूंघने की जबरदस्त क्षमता उन्हें विस्फोटक, हथियार और लोगों का पता लगाने में मदद करती है, साथ ही वे सैनिकों को इमारतों और संदिग्ध ठिकानों की तलाशी लेने में भी मदद करते हैं.

सेना के कॉम्बैट डॉग्स ने जम्मू-कश्मीर में भी ऑपरेशन में हिस्सा लिया है. फरवरी में, 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज के असॉल्ट डॉग टायसन को किश्तवाड़ में आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन के दौरान चोट लग गई थी, लेकिन वो संदिग्ध ठिकाने की तरफ आगे बढ़ता रहा. बाद में उसे ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ से सम्मानित किया गया. जूम, फैंटम और एक्सल जैसे अन्य मिलिट्री डॉग्स भी आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल रहे हैं.

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एयरबोर्न क्षमताओं का विस्तार

नई एक्सरसाइज में 2 खास क्षमताओं, पैराट्रूपर्स और मिलिट्री डॉग्स को मिलाया गया है. एयरबोर्न सैनिकों के साथ जाने वाला ट्रेंड डॉग मुश्किल इलाकों में उतरने के बाद चीजों का पता लगाने और ट्रैकिंग में मदद कर सकता है. दूसरे देशों की सेनाओं ने भी एयरबोर्न और स्पेशल ऑपरेशन के लिए डॉग्स को ट्रेन किया है. ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पैराशूट से तैनाती के लिए भी डॉग्स को ट्रेन किया गया था. इसलिए इंडियन आर्मी की ये लेटेस्ट एक्सरसाइज ये पता लगाने की दिशा में एक और कदम है कि कैसे कॉम्बैट डॉग्स कंवेंशनल ग्राउंड मिशन से हटकर सैनिकों की मदद कर सकते हैं.