
बच्चों को सिखा रहीं जिंदगी बचाने का हुनर.
Bihar Floods: नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद बिहार के कई इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. कटिहार के बरारी विधानसभा क्षेत्र में गंगा और बरंडी नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ी हुई है. ऐसे समय में कटिहार के एक सरकारी स्कूल से बच्चों को बाढ़ जैसी आपदा से निपटने की ट्रेनिंग देने की अनोखी पहल सामने आई है.
बरारी विधानसभा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हासिमपुर बालक में शिक्षिका वंदना बच्चों को सिर्फ किताबों की पढ़ाई नहीं करा रही हैं, बल्कि उन्हें मुश्किल वक्त में अपनी और दूसरों की जान बचाने का हुनर भी सिखा रही हैं. स्कूल में बच्चों को बाढ़ के दौरान डूब रहे व्यक्ति की मदद करने और उसे प्राथमिक उपचार देने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
डूबते व्यक्ति को बचाने की दी जा रही ट्रेनिंग
स्कूल में बच्चों को बताया जा रहा है कि बाढ़ के दौरान अगर कोई व्यक्ति पानी में डूबने लगे तो किस तरह सुरक्षित तरीके से उसकी मदद की जाए. उन्हें बिना घबराए स्थिति को समझने और सावधानी से कदम उठाने के बारे में बताया जा रहा है. बच्चों को यह भी सिखाया जा रहा है कि डूबते व्यक्ति को पानी से बाहर निकालने के बाद तुरंत क्या करना चाहिए. प्राथमिक चिकित्सा के जरूरी तरीकों की जानकारी भी उन्हें दी जा रही है. इस प्रशिक्षण में स्कूल के छात्र-छात्राएं उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं. पढ़ाई के साथ इस तरह की व्यावहारिक जानकारी मिलने से बच्चों में आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है.
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बाढ़ प्रभावित इलाके में हो रही पहल
प्राथमिक विद्यालय हासिमपुर बालक बरंडी नदी के किनारे बसे इलाके में स्थित है. यहां हर साल बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का खतरा बना रहता है. ऐसे इलाके में रहने वाले बच्चों के लिए आपदा के समय क्या करना है, इसकी जानकारी बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है. शिक्षिका वंदना इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बच्चों को बाढ़ से जुड़ी परिस्थितियों के लिए तैयार कर रही हैं. उनका प्रयास है कि बच्चे मुश्किल हालात में घबराने के बजाय समझदारी से काम लें और जरूरत पड़ने पर किसी की मदद कर सकें.
सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है पढ़ाई
शिक्षिका वंदना की पहल यह दिखाती है कि बच्चों की शिक्षा सिर्फ किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं है. उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों से निपटने की जानकारी देना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. बाढ़ जैसी आपदा के दौरान छोटी-सी सावधानी भी किसी की जान बचाने में मदद कर सकती है. इसी सोच के साथ बच्चों को पानी में फंसे लोगों की मदद करने और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जा रही है.
शिक्षक दिवस पर दिखी शिक्षक की अलग पहल
देशभर में शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षक अपने विद्यार्थियों को अलग-अलग तरीके से सीख दे रहे हैं. कटिहार की शिक्षिका वंदना ने भी इस मौके पर बच्चों को एक ऐसी सीख देने की कोशिश की है, जो सीधे उनकी जिंदगी से जुड़ी है. वह बच्चों को पढ़ाई के साथ आपदा से निपटने की तैयारी करा रही हैं. बच्चों को समझाया जा रहा है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय शांत दिमाग से काम लेना चाहिए.
बच्चों के लिए सुरक्षा कवच से कम नहीं
बरंडी नदी के किनारे रहने वाले इन बच्चों के लिए बाढ़ से जुड़ी यह ट्रेनिंग किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है. आज वे स्कूल में जो सीख रहे हैं, वह भविष्य में किसी आपदा के दौरान उनके खुद के साथ-साथ किसी और की जिंदगी बचाने में काम आ सकती है. कहा जाता है कि एक शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देता, बल्कि जिंदगी की मुश्किल परिस्थितियों से लड़ने का रास्ता भी दिखाता है. शिक्षिका वंदना की यह पहल इसी सोच की मिसाल है, जहां बच्चे क्लासरूम में पढ़ाई के साथ जरूरत पड़ने पर किसी की जान बचाने की तैयारी भी कर रहे हैं.

राजेश कुमार ठाकुर
बिहार के कटिहार से टीवी9 भारतवर्ष के लिए रिपोर्टिंग का जिम्मा संभाल रहे राजेश कुमार ठाकुर पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. कटिहार और सीमांचल में होने वाली हर हलचल पर नजर रखने वाले राजेश की पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2008 में स्थानीय न्यूज चैनल KBC से हुई. इसके बाद आर्यन टीवी बिहार-झारखंड, न्यूज़ वर्ल्ड, फोकस टीवी, टीएनपी, अजय भारत, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में इन्होंने काम किया. इन संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, फील्ड कवरेज और जनहित के मुद्दों पर मजबूत अनुभव हासिल किया.
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