VIDEO: 'WFH आसान नहीं', 10 घंटे की मीटिंग दिखाकर युवक ने बताई IT सेक्टर की कहानी

Published on 2 अग॰ 2026

क्या वर्क फ्रॉम होम करना वाकई आसान होता है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस सवाल पर नई बहस छेड़ दी है. नोएडा के एक आईटी प्रोफेशनल ने दावा किया है कि उसे शनिवार के दिन करीब 10 घंटे तक लगातार ऑनलाइन मीटिंग में बैठना पड़ा. उसका कहना है कि लोगों को वर्क फ्रॉम होम जितना आसान दिखता है, कई बार हकीकत उससे बिल्कुल अलग होती है.

यह वीडियो इंस्टाग्राम यूजर मैडी ने अपने अकाउंट @thisisyourmaddy पर शेयर किया है. वीडियो पर लिखा - आईटी में वर्क फ्रॉम होम की सच्चाई. वीडियो शेयर होने के बाद हजारों लोग इस पर अपनी राय दे रहे हैं.

9 घंटे 37 मिनट तक चली मीटिंग

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वीडियो में मैडी अपनी कंप्यूटर स्क्रीन दिखाते हैं, जिसमें ऑनलाइन मीटिंग का टाइम 9 घंटे 37 मिनट दिखाई देता है. उनका कहना है कि यह मीटिंग अभी भी खत्म नहीं हुई थी और वह एक जरूरी ऑफिस टास्क पर काम कर रहे थे.मैडी बताते हैं कि यह सब 1 अगस्त, शनिवार को हो रहा था. यानी वीकेंड होने के बावजूद उन्हें लगातार काम करना पड़ रहा था.

देखें वीडियो

'सिर्फ दो-तीन छोटे ब्रेक मिले'

वीडियो में मैडी दावा करते हैं कि मीटिंग में कुल चार लोग शामिल थे और पूरे दिन उन्हें केवल 10-10 मिनट के दो या तीन छोटे ब्रेक ही मिले. उनके मुताबिक, काम का दबाव इतना ज्यादा था कि वीकेंड और वर्किंग डे में कोई खास अंतर महसूस नहीं हुआ.उन्होंने यह भी कहा कि मीटिंग रात 10 या 11 बजे तक चल सकती थी, क्योंकि प्रोजेक्ट का काम अभी पूरा नहीं हुआ था.

'IT जॉब चुनने से पहले हकीकत भी जान लें'

वीडियो के आखिर में मैडी लोगों को सलाह देते हैं कि अगर वे आईटी सेक्टर में करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ अच्छी सैलरी या वर्क फ्रॉम होम देखकर फैसला न करें. उनके मुताबिक, कई बार लंबे वर्किंग आवर्स और लगातार मीटिंग्स भी इस नौकरी का हिस्सा होती हैं.

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद कई आईटी कर्मचारियों ने कमेंट कर कहा कि वे भी कई बार वीकेंड पर लंबे समय तक काम कर चुके हैं. कुछ यूजर्स ने लिखा कि यह स्थिति कई कंपनियों में देखने को मिलती है, जबकि कुछ ने मैडी को अतिरिक्त काम के बदले कंप-ऑफ लेने की सलाह दी.

हालांकि, हर कोई उनकी बात से सहमत नहीं दिखा. कुछ यूजर्स का कहना था कि वर्क फ्रॉम होम अब भी ऑफिस से बेहतर ऑप्शन है और हर कंपनी की वर्किंग कल्चर अलग होती है. कई लोगों ने यह भी लिखा कि एक कर्मचारी का अनुभव पूरे आईटी सेक्टर का प्रतिनिधित्व नहीं करता.

फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और वर्क फ्रॉम होम बनाम ऑफिस वर्क को लेकर नई चर्चा छेड़ रहा है.

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