लखनऊ। घर की सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक समृद्धि में वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) का बहुत बड़ा योगदान होता है। अक्सर लोग घर के वास्तु दोषों को दूर करने के लिए महंगे उपाय या तोड़-फोड़ करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रकृति ने हमें कुछ ऐसे पेड़-पौधे दिए हैं जिन्हें सही दिशा में लगाने मात्र से ही घर के सारे दोष दूर हो जाते हैं? टीवी9 हिंदी की एक विशेष धार्मिक और वास्तु रिपोर्ट के मुताबिक, कनेर का पौधा (Kaner Plant) एक ऐसा ही बेहद चमत्कारी और पवित्र पौधा है।
आमतौर पर कनेर के फूलों का इस्तेमाल भगवान शिव और अन्य देवी-देवताओं की पूजा में किया जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इस पौधे को 'धन को आकर्षित करने वाला चुंबक' माना गया है। मान्यता है कि जिस घर में कनेर का पौधा सही नियमों के साथ लगा होता है, वहां कभी भी दरिद्रता पैर नहीं पसार सकती। आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स के अनुसार कनेर के पौधे से मिलने वाले अद्भुत वास्तु लाभ (Vastu Benefits) और इसे लगाने की सही दिशा।
कनेर के पौधे का धार्मिक महत्व: त्रिदेवों का मिलता है आशीर्वाद
सनातन परंपरा में कनेर के पौधे को साक्षात देवस्वरूप माना गया है। इसके फूलों के रंगों के आधार पर इसका संबंध अलग-अलग देवी-देवताओं से है:
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सफेद कनेर: सफेद रंग के फूलों वाली कनेर मां लक्ष्मी और विद्या की देवी मां सरस्वती को अत्यंत प्रिय है। इसे घर में लगाने से मानसिक शांति मिलती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
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पीली कनेर: पीले रंग के फूलों वाली कनेर में साक्षात भगवान विष्णु और धन के देवता कुबेर का वास माना गया है। इसे लगाने से घर में धन-धान्य के भंडार हमेशा भरे रहते हैं।
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लाल कनेर: लाल या गुलाबी कनेर के फूल सूर्य देव और हनुमान जी को ऊर्जा व शक्ति के प्रतीक के रूप में अर्पित किए जाते हैं, जिससे घर के सदस्यों का यश और आत्मविश्वास बढ़ता है।
वास्तु के अनुसार किस दिशा में लगाएं कनेर का पौधा?
वास्तु विज्ञान के अनुसार, किसी भी पवित्र पौधे का पूर्ण लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दिशा में स्थापित किया जाए:
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उत्तर या पूर्व दिशा (North or East): कनेर के पौधे को लगाने के लिए घर की उत्तर या पूर्व दिशा सबसे उत्तम और मंगलकारी मानी गई है। चूंकि उत्तर दिशा के स्वामी कुबेर देव हैं, इसलिए इस दिशा में पीली कनेर लगाने से धन का आगमन तेजी से होता है।
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ईशान कोण (North-East): घर का उत्तर-पूर्व कोना (ईशान कोण) देवताओं का स्थान होता है। इस कोने में सफेद या पीली कनेर का पौधा लगाने से घर की समस्त नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) नष्ट हो जाती है और सकारात्मकता का संचार होता है।
कनेर के पौधे से मिलने वाले 4 जादुई वास्तु लाभ:
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1. आर्थिक तंगी से परमानेंट छुटकारा: यदि आपके घर में पैसा आता तो है लेकिन टिकता नहीं है या बेवजह के खर्चों में बह जाता है, तो कुबेर देव की प्रिय पीली कनेर घर में लाएं। यह आय के नए स्रोत बनाती है और कर्ज से मुक्ति दिलाती है।
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2. पारिवारिक कलह और तनाव का नाश: जिन घरों में अक्सर बिना किसी बात के छोटी-मोटी बहस या गृह क्लेश होता रहता है, वहां सफेद कनेर का पौधा रामबाण का काम करता है। यह पारिवारिक सदस्यों के विचारों को शांत कर आपसी प्रेम को बढ़ाता है।
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3. समाज में यश और कीर्ति की प्राप्ति: लाल कनेर का पौधा घर के सदस्यों के जीवन में मान-सम्मान और तरक्की के द्वार खोलता है। विशेषकर नौकरीपेशा और बिजनेसमैन के लिए यह बहुत फलदायी माना गया है।
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4. औषधीय गुणों से भरपूर: वास्तु के अलावा आयुर्वेद में भी कनेर को एक महत्वपूर्ण पौधा माना गया है। हालांकि, यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि कनेर का पौधा आंतरिक रूप से विषैला (Toxic) होता है, इसलिए इसके फूलों या पत्तियों का सेवन भूलकर भी न करें और इसे छोटे बच्चों व पालतू जानवरों की पहुंच से हमेशा दूर रखें।