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- Authored by: निलेश द्विवेदी
- Updated Aug 16, 2026, 11:31 PM IST
बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने रविवार को सोनिया गांधी के वंदे मातरम् अपमान मामले पर जांच और उचित कार्रवाई की बात कही, जबकि मनोज तिवारी के बयान पर उन्हें बिहार की राजनीति से दूर रहने की नसीहत दी। वहीं, रौशन यादव की मौत के मामले में पीके ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग उठाई।
Prashant Kishor: बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी के वंदे मातरम् विवाद से लेकर मधुबनी के रौशन यादव की जेल में मौत और मनोज तिवारी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से वंदे मातरम् मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की, वहीं रौशन यादव मामले में दोषियों पर कार्रवाई व मुआवजे की बात कही। मनोज तिवारी पर पलटवार करते हुए पीके ने उन्हें बिहार की राजनीति में दखल न देने की नसीहत दी।
'वंदे मातरम्' पूरा गाया गया था
रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सोनिया गांधी पर लगाए गए वंदे मातरम् के अपमान के आरोपों को लेकर कहा कि यह मुद्दा भाजपा की ओर से उठाया गया है और कांग्रेस इस पर जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्हें अलग से कुछ कहने की जरूरत नहीं है। पीके के मुताबिक, उन्होंने जो वीडियो देखा, उसमें पूरा 'वंदे मातरम्' गाया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी को बीच में रोकने की बात कही जा रही है, तो इसकी वास्तविक जानकारी सरकार को होनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि अगर जांच में सोनिया गांधी की कोई गलती सामने आती है, तो महज राजनीतिक बयानबाजी के बजाय उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मनोज तिवारी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं
वहीं उन्होंने भाजपा सांसद मनोज तिवारी के 'अहंकारी' वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें उनसे सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि मनोज तिवारी मूल रूप से गाना गाने वाले व्यक्ति हैं और उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहिए। पीके ने उन्हें सलाह दी कि मनोज तिवारी को बिहार की राजनीति में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता ने मनोज तिवारी को कभी स्वीकार नहीं किया और भविष्य में भी उन्हें स्वीकार नहीं करेगी।
रौशन यादव मामले पर बोली ये बात
इसके बाद पीके ने मधुबनी के रौशन यादव की मौत मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रौशन यादव को 27 मई को गलत तरीके से गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई। प्रशांत किशोर ने बताया कि उन्होंने रौशन यादव के परिजनों के साथ एसएसपी से मुलाकात की थी। उनके अनुसार, एसएसपी ने 10 दिनों के अंदर मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीके ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद वह रौशन यादव के मामले में कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर जिलाधिकारी तथा मुख्य सचिव से मुलाकात करेंगे।
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निलेश द्विवेदीauthor
निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।
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