Published: Sunday, August 2, 2026, 21:00 [IST]
UPI Transactions July 2026: भारत में डिजिटल पेमेंट का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) हर महीने नए कीर्तिमान बना रहा है। जुलाई 2026 में यूपीआई ने अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड बनाया। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मुताबिक, महीनेभर में 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.88 लाख करोड़ रुपये रही।
ट्रांजैक्शन की संख्या और कुल मूल्य, दोनों ही जून के मुकाबले बढ़े हैं। आंकड़े बताते हैं कि अब महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी यूपीआई लोगों की पहली पसंद बन चुका है।
जुलाई में बना नया रिकॉर्ड, जून के मुकाबले भी तेज हुई रफ्तार
NPCI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में यूपीआई के जरिए 23.66 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। जून में यह संख्या 22.72 अरब थी, यानी एक महीने में करीब 4.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू भी जून के 28.93 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर जुलाई में 29.88 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। यानी मूल्य के लिहाज से भी करीब 3.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो डिजिटल भुगतान की लगातार बढ़ती स्वीकार्यता को दिखाती है।
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एक साल में 22% बढ़े ट्रांजैक्शन, डिजिटल इंडिया को मिली रफ्तार
अगर सालाना आधार पर तुलना करें तो तस्वीर और भी मजबूत नजर आती है। जुलाई 2025 के मुकाबले जुलाई 2026 में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या में 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू भी 19 फीसदी बढ़ी है। यह संकेत है कि डिजिटल पेमेंट अब केवल सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। देशभर में कैशलेस लेनदेन की रफ्तार लगातार तेज हो रही है।
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छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचा UPI, हर भुगतान का आसान जरिया बना
यूपीआई का इस्तेमाल अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी लोग किराना दुकानों, सब्जी मंडियों, मेडिकल स्टोर, मोबाइल रिचार्ज, बिजली-पानी के बिल और छोटे-बड़े भुगतान के लिए यूपीआई का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। QR कोड आधारित भुगतान, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और आसान डिजिटल सेवाओं ने इसे हर वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया है।
IMPS में बढ़ोतरी, FASTag में हल्की गिरावट दर्ज
NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में IMPS के जरिए 364 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जो जून की तुलना में करीब 3 फीसदी अधिक हैं। वहीं, FASTag ट्रांजैक्शन में मामूली गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के जरिए 100 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जो पिछले महीने के मुकाबले अधिक हैं। इससे साफ है कि यूपीआई के साथ-साथ अन्य डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भी लगातार बढ़ रहा है, हालांकि सबसे तेज रफ्तार यूपीआई की ही बनी हुई है।