उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के हक में बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोक भवन में 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' (UPCOS) के डिजिटल पोर्टल और आधिकारिक लोगो का औपचारिक शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो )
- Published: 02 Sep 2026, 01:43 PM IST
- Last Updated: 02 Sep 2026, 02:07 PM IST
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी और शोषण-मुक्त बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के समर्पित पोर्टल और लोगो का अनावरण किया।
इसके साथ ही पिकप भवन में तैयार निगम के नए कार्यालय का भी लोकार्पण किया गया। इस पोर्टल के शुरू होने से अब मैनपावर सप्लाई करने वाली बिचौलिया कंपनियों की मनमानी पर पूरी तरह से लगाम लगेगी।
भर्ती से लेकर वेतन भुगतान तक ऑनलाइन निगरानी
नए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अब सरकारी विभागों और निगमों में आउटसोर्स भर्तियों की जरूरत से लेकर चयन और मानदेय वितरण तक की हर प्रक्रिया पर सीधे सरकार की नजर रहेगी। कर्मचारियों को अब समय पर सीधे उनके बैंक खातों में पूरा मानदेय मिलेगा। निजी एजेंसियों द्वारा सैलरी काटने या देरी से भुगतान करने जैसी पुरानी शिकायतों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
मानदेय में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा का पूरा लाभ
पोर्टल की लॉन्चिंग के साथ ही मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय देने और सम्मानजनक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की घोषणा की। इसके अलावा अब आउटसोर्स कर्मचारियों को भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) जैसी अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे उनके और उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित होगा।
एजेंसियों का अनिवार्य पंजीकरण, पारदर्शिता से होंगी भर्तियां
अब किसी भी निजी मैनपावर एजेंसी को सरकारी विभागों में कर्मचारी आपूर्ति करने के लिए इस पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा। जो एजेंसियां कर्मचारियों का शोषण करेंगी या नियमों का उल्लंघन करेंगी, उन्हें तत्काल ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। इस पहल से राज्य के लाखों आउटसोर्स कार्मिकों को काम की गारंटी, सुरक्षा और समय पर उचित मेहनताना प्राप्त होगा।