UN80: नए संयुक्त राष्ट्र शिक्षण संस्थान को महासभा की मंज़ूरी
गुरुवार को पारित एक प्रस्ताव के तहत 193 सदस्यीय महासभा ने संयुक्त राष्ट्र प्रणाली स्टाफ़ कॉलेज (UNSSC) के संयुक्त राष्ट्र प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (UNITAR) में विलय को मंज़ूरी दी. साथ ही, 1 जनवरी 2027 से संयुक्त राष्ट्र क्षमता एवं शिक्षण नवाचार संस्थान (UNICLI) की स्थापना का समर्थन किया.
यह फ़ैसला व्यापक UN80 पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र को अधिक समन्वित और प्रभावी बनाना तथा बदलती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर तैयार करना है.
नया संस्थान, सरकारों, राजनयिकों और सार्वजनिक संस्थानों की क्षमता बढ़ाने में UNITAR के अनुभव को, संयुक्त राष्ट्र कर्मियों के प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और ज्ञान-साझाकरण में UNSSC की विशेषज्ञता के साथ जोड़ेगा.
नया संस्थान UNITAR और UNSSC की विशेषज्ञता को एक साथ लाएगा. UNITAR सरकारों, राजनयिकों और सार्वजनिक संस्थानों का कौशल एवं क्षमता बढ़ाने का काम करता है, जबकि UNSSC संयुक्त राष्ट्र कर्मियों के प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और ज्ञान साझा करने में विशेषज्ञता रखता है.
UNITAR की कार्यकारी निदेशक और संयुक्त राष्ट्र की सहायक महासचिव मिशेल जाइल्स-मैकडोनॉ ने कहा, “सदस्य देश और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली लगातार अधिक जटिल और आपस में जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र को भी अपनी क्षमताएँ मज़बूत करनी होंगी, नवाचार को बढ़ावा देना होगा और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना होगा, ताकि वैश्विक प्रतिबद्धताओं को ठोस नतीजों में बदला जा सके.”
इस विलय से सीखने और क्षमता विकास के लिए एक साझा मंच बनेगा. इससे सदस्य देशों, संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं और साझीदारों के लिए विशेषज्ञता व सहायता तक पहुँचना आसान होगा.
साथ ही काम के दोहराव और बिखराव में भी कमी आएगी. इससे संयुक्त राष्ट्र प्रणाली बदलती वैश्विक ज़रूरतों के अनुरूप बेहतर ढंग से काम कर सकेगी.
UNSSC के कार्यवाहक निदेशक मिगेल पनादेरो ने कहा, “UNSSC और UNITAR की विशेषज्ञता को एक साथ लाने से नया संस्थान, सदस्य देशों और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के लिए अधिक मज़बूत और समन्वित क्षमता विकास सहायता प्रदान कर सकेगा.”
बाद में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा कि महासचिव ने महासभा के इस फ़ैसले का स्वागत किया है.
उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला दर्शाता है कि क्षमता विकास, निरन्तर सीखना और नवाचार केवल सहायक कार्य नहीं हैं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता, सुधार और सदस्य देशों के लिए उसके प्रभाव को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
उन्होंने कहा कि महासचिव ने सदस्य देशों, संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं, साझीदारों और अन्य हितधारकों से नए संस्थान के भविष्य को आकार देने तथा अधिक टिकाऊ, समावेशी एवं सहनसक्षम दुनिया में उसके योगदान को मज़बूत करने का आहवान किया है.
यह बदलाव चरणबद्ध ढंग से 2026 के अन्त तक लागू किया जाएगा, ताकि कार्यक्रमों, साझेदारियों और सेवाओं में कोई व्यवधान न आए. तब तक UNITAR और UNSSC अपनी मौजूदा व्यवस्थाओं के तहत काम करते रहेंगे.
नए संस्थान का मुख्यालय जिनीवा में होगा. ट्यूरिन संयुक्त राष्ट्र के शिक्षण परिसर और नेतृत्व विकास केन्द्र के रूप में काम करता रहेगा, जबकि बॉन, हिरोशिमा, मैड्रिड और न्यूयॉर्क में मौजूदा कार्यालय और गतिविधियाँ भी जारी रहेंगी.
यह विलय UN80 पहल के तहत उठाए गए नवीनतम ठोस क़दमों में से एक है, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र को अधिक चुस्त, भविष्य के लिए तैयार और बदलती वैश्विक ज़रूरतों के अनुरूप सक्षम बनाना है.