UKSSSC Teacher Recruitment : सूर्यकांत धस्माना ने आयोग दफ्तर पर जड़ा ताला, हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना पर फूटा गुस्सा - Doon Horizon

Published on 30 जुल॰ 2026

उत्तराखंड में माध्यमिक सहायक अध्यापक भर्ती में धांधली और हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना के खिलाफ कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने अभ्यर्थियों के साथ मिलकर आयोग के रायपुर स्थित कार्यालय पर सांकेतिक ताला जड़ दिया। भारी विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के चलते आखिरकार आयोग को इस भर्ती प्रक्रिया के तहत होने वाला दस्तावेज सत्यापन फिलहाल स्थगित करना पड़ा।

देहरादून, 29 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

UKSSSC Teacher Recruitment : उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने रायपुर थानों रोड स्थित उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के कार्यालय पर पहुंचकर मुख्य द्वार पर सांकेतिक ताला जड़ दिया। उनके साथ बड़ी संख्या में माध्यमिक सहायक अध्यापक भर्ती के आंदोलनरत अभ्यर्थी भी मौजूद थे जो लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

यह पूरा मामला माध्यमिक सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है जिसे लेकर युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आयोग कार्यालय के बाहर पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

सूर्यकांत धस्माना ने आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह संस्थान अब कुख्यात भर्ती एजेंसी का रूप ले चुका है। पेपर लीक और परिणामों में हेराफेरी जैसी घटनाओं के कारण इस आयोग की साख न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पूरी तरह से धूमिल हो चुकी है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कुल 1544 पदों पर निकाली गई इस माध्यमिक सहायक अध्यापक भर्ती की आंसर की में भारी विसंगतियां पाई गई हैं। इन गड़बड़ियों के कारण योग्य युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है और वे लगातार न्याय की गुहार लगाने को मजबूर हैं।

मामले में कानूनी पहलुओं का हवाला देते हुए धस्माना ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय ने अपने 3 जून 2026 के आदेश में बहुत स्पष्ट निर्देश दिए थे। न्यायालय के आदेश के मुताबिक इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को 9 फरवरी 2025 की तय कट ऑफ के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए था।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आयोग के जिम्मेदार अधिकारी इस कानूनी आदेश का पालन करने से लगातार बच रहे हैं और जानबूझकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका यह भी कहना था कि आयोग की ऐसी कार्यशैली से युवाओं के बीच आपसी फूट पड़ने की आशंका पैदा हो रही है।

विरोध प्रदर्शन के उग्र होने के बाद आयोग के भीतर हलचल बढ़ी और अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए अंदर बुलाया गया। इस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के सचिव एन.एस. डुंगरियाल के साथ आमने-सामने बैठकर अपनी तमाम आपत्तियां और मांगें रखीं।

वार्ता के दौरान धस्माना ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यह ताला लगाने वाला प्रदर्शन तो महज एक शुरुआत भर है। यदि आयोग अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करता है तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक एक उग्र आंदोलन छेड़ने के लिए पूरी तरह बाध्य होगी।

प्रतिनिधिमंडल की तरफ से यह मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई कि जब तक माननीय उच्च न्यायालय इस पूरे प्रकरण पर कोई अंतिम निर्णय नहीं सुना देता तब तक शेष पदों का प्रपत्र सत्यापन पूरी तरह रोका जाए। साथ ही नौ फरवरी 2025 की मूल कट ऑफ को तत्काल प्रभाव से सार्वजनिक किए जाने की मांग भी रखी गई।

स्थितियों की गंभीरता को भांपते हुए आयोग के सचिव एन.एस. डुंगरियाल ने पहले आयोग के अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया से फोन पर चर्चा करने का आश्वासन दिया। इस शुरुआती बातचीत के बाद दोपहर ढाई से तीन बजे के बीच स्थिति साफ होने की उम्मीद जताई जाने लगी थी।

दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सचिव एन.एस. डुंगरियाल ने फोन के माध्यम से आधिकारिक रूप से यह सूचना दी कि आयोग ने फिलहाल दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। इस फैसले की औपचारिक जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी गई जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कुछ राहत की सांस ली।

इसके बावजूद सूर्यकांत धस्माना ने स्पष्ट शब्दों में चेताया है कि यदि आने वाले दिनों में कोई सकारात्मक और स्थायी समाधान सामने नहीं आया तो गुरुवार से इस आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के हक पर किसी भी सूरत में डाका नहीं डालने दिया जाएगा।

इस पूरे प्रदर्शन और घेराव के दौरान कांग्रेस पार्टी के कई अन्य स्थानीय पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में पीड़ित अभ्यर्थी पूरी मुस्तैदी के साथ डटे रहे। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस श्रम विभाग के अध्यक्ष दिनेश कौशल, सूरत सिंह नेगी, आनंद सिंह पुंडीर और यूकेडी नेता देवचंद उत्तराखंडी ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।

आयोग के बाहर न्याय की आस लगाए बैठे अभ्यर्थियों में गोपीचंद, गजेन्द्र सजवान, तुषार बिष्ट, संदीप, दीपका रमोला, उषा रमोला और मनोरमा शामिल रहे। इनके अलावा माया, रश्मि, मीनाक्षी, सुनील कुमार, नवीन कुमार और विकास समेत भारी संख्या में युवा सुबह से लेकर शाम तक धरने पर जमे रहे।