Tongue Color Health Signs : जीभ का रंग खोल सकता है सेहत का राज, जानिए सेहत से जुड़े हर बदलाव का मतलब

Published on 12 सित॰ 2026

जीभ का रंग और उसकी बनावट शरीर की आंतरिक सेहत का आईना होते हैं। हल्के गुलाबी रंग से अलग किसी भी तरह का लगातार बदलाव पोषण की कमी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।

Tongue Color Health Signs : जब भी हम किसी सामान्य जांच के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं, तो वे अक्सर सबसे पहले मुंह खोलकर जीभ दिखाने को कहते हैं।

ऐसा इसलिए है क्योंकि जीभ सिर्फ स्वाद लेने का अंग नहीं है, बल्कि यह शरीर में चल रहे कई बदलावों और पोषण के स्तर को भी दर्शाती है।

स्वस्थ व्यक्ति की जीभ सामान्य तौर पर हल्के गुलाबी रंग की होती है, जिस पर एक बहुत हल्की और साफ सफेद परत दिख सकती है। अगर जीभ के रंग या उसकी बनावट में लगातार बदलाव नजर आए, तो इसे सामान्य मानकर छोड़ना ठीक नहीं है।

हल्का गुलाबी रंग: अच्छी सेहत की निशानी

अगर जीभ हल्की गुलाबी है, उस पर कोई गहरा दाग या मोटी परत नहीं है और स्वाद लेने में कोई परेशानी नहीं हो रही, तो यह पूरी तरह स्वस्थ स्थिति है।

इसका मतलब है कि शरीर में रक्त संचार बेहतर है और ओरल हाइजीन ठीक बनी हुई है।

सफेद परत जमना

जीभ पर मोटी सफेद परत दिखाई देने के पीछे कई सामान्य और चिकित्सकीय कारण हो सकते हैं:

  • शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
  • नियमित रूप से टंग क्लीनर का उपयोग न करना
  • फंगल इन्फेक्शन या ओरल थ्रश
  • तंबाकू या सिगरेट का अत्यधिक सेवन

अगर यह परत ब्रश या टंग क्लीनर से साफ करने के बाद भी कई दिनों तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना सही कदम है।

गहरा लाल या स्ट्रॉबेरी जैसा रंग

जीभ का अत्यधिक लाल होना या चमकना अक्सर शरीर में विटामिन B12, आयरन या फोलिक एसिड की कमी की ओर इशारा करता है।

कभी-कभी यह किसी दवा के रिएक्शन, एलर्जी या बच्चों में सामान्य संक्रमण की वजह से भी हो सकता है। अगर लाल रंग के साथ जलन या सूजन महसूस हो रही हो, तो जांच कराना जरूरी होता है।

पीलापन दिखना

जीभ पर पीलापन आमतौर पर तब दिखता है जब मुंह में बैक्टीरिया और मृत कोशिकाएं जमा होने लगती हैं। कमजोर पाचन क्रिया, डिहाइड्रेशन, अत्यधिक चाय-कॉफी का सेवन और स्मोकिंग इसके आम कारण हैं।

दिनभर में पर्याप्त पानी पीने और बेहतर ओरल केयर से यह स्थिति सामान्य हो जाती है।

नीला या बैंगनी रंग

अगर जीभ नीली या बैंगनी दिखाई दे, तो यह शरीर में ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट या रक्त संचार से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है।

इस स्थिति में सांस लेने में तकलीफ भी महसूस हो सकती है। ऐसा लक्षण दिखने पर बिना देर किए तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

काली या रोएंदार जीभ

कई बार जीभ पर काली परत या छोटे बालों जैसी संरचना नजर आने लगती है। मेडिकल भाषा में इसे ‘ब्लैक हेयरी टंग’ कहा जाता है।

यह आमतौर पर लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल, मुंह की ठीक से सफाई न होने या अत्यधिक तंबाकू के सेवन से बैक्टीरिया और यीस्ट के जमाव के कारण होता है।

जीभ की बनावट पर भी रखें नजर

रंग के अलावा जीभ की सतह भी महत्वपूर्ण होती है:

एकदम सपाट और चिकनी जीभ: यह पोषक तत्वों, विशेषकर आयरन या विटामिन B12 की कमी दर्शाती है।

दरारें दिखना: उम्र के साथ हल्की दरारें सामान्य हो सकती हैं, लेकिन दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

सूजन: किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी या थायरॉयड संबंधी कारणों से जीभ में सूजन आ सकती है।

कब जरूरी है डॉक्टर से मिलना?

  • अगर जीभ का रंग 10 से 15 दिनों से ज्यादा समय तक बदला रहे।
  • जीभ पर कोई छाला या घाव हो जो दो हफ्तों में भी ठीक न हो रहा हो।
  • खाना चबाने, निगलने या बोलने में खिंचाव और दर्द महसूस हो।
  • रंग में बदलाव के साथ तेज बुखार या कमजोरी बनी रहे।

जीभ को साफ और स्वस्थ रखने के तरीके

  • रोजाना दांत साफ करने के साथ-साथ हल्के हाथों से टंग क्लीनर का इस्तेमाल करें।
  • दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं ताकि मुंह में नमी बनी रहे।
  • आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और विटामिन B12 से भरपूर चीजें शामिल करें।
  • तंबाकू और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाएं।
  • साल में कम से कम एक बार रूटीन डेंटल चेकअप कराएं।