बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम दावे सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों का कथित तौर पर पहला निशाना सलमान खान थे, लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण वे अपने इरादे में सफल नहीं हो सके। इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने तक इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
सलमान खान के घर की रेकी करने का दावा
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि हमलावरों ने पहले मुंबई के बांद्रा स्थित बैंडस्टैंड इलाके में सलमान खान के घर की रेकी की थी। वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण वे कथित तौर पर हमला नहीं कर पाए।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसके बाद हमलावरों ने किसी ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना बनाई, जिसकी सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कम हो। इसी क्रम में टाइगर श्रॉफ का नाम सामने आया। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम और कथित साजिश को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट से मिली थी टाइगर की जानकारी?
रिपोर्ट के अनुसार, जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि हमलावरों को सोशल मीडिया पर मौजूद पोस्ट से टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों की जानकारी मिली थी। बताया गया कि अभिनेता रविवार को जुहू स्थित पुष्पा नरसी ग्राउंड में फुटबॉल खेलने जाते थे।
दावे के मुताबिक, हमलावरों ने कुछ समय तक अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद उनकी कार के बाहर निकलते ही फायरिंग की गई। घटना में टाइगर श्रॉफ के बाल-बाल बचने की बात कही गई है।
राजस्थान के कोटा से तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया कि इनमें दो आरोपी हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है। बाद में आरोपियों को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर सकती है। जांच का उद्देश्य कथित हमले की योजना, इसमें शामिल लोगों और उनके संपर्कों का पता लगाना है।
सोशल मीडिया पोस्ट में दी गई धमकी
फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। पोस्ट में टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने और बॉलीवुड के दूसरे लोगों को धमकी देने जैसी बातें लिखी गई थीं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी गैंग के नाम से पोस्ट सामने आना अपने आप में उसकी प्रामाणिकता का प्रमाण नहीं है। पोस्ट किसने लिखी और घटना से उसका वास्तविक संबंध क्या है, इसकी पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकती है।
सलमान खान और बिश्नोई समुदाय के बीच पुराना विवाद
सलमान खान और बिश्नोई समुदाय के बीच विवाद की पृष्ठभूमि 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी है। उस समय राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के दौरान अभिनेता पर काले हिरण के शिकार का आरोप लगा था। बिश्नोई समुदाय काले हिरण को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण मानता है।
बाद के वर्षों में सलमान खान को धमकियां मिलने और उनकी सुरक्षा बढ़ाए जाने की खबरें भी सामने आती रही हैं। टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में सलमान खान को कथित तौर पर पहला निशाना बनाए जाने का दावा भी इसी संदर्भ में चर्चा में है।
पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना और सलमान खान को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने के दावे ने बॉलीवुड की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, हमले के पीछे की वास्तविक वजह, आरोपियों की भूमिका और कथित गैंग कनेक्शन की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल मीडिया रिपोर्टों में सामने आए दावों और पुलिस द्वारा प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।