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सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य होगा या नहीं
Surya Grahan 2026 Tomorrow Timing: साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण अगस्त में लगने जा रहा है। यह साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। हिंदू परंपरा में ग्रहण से पहले उसका सूतक काल शुरू हो जाता है और इस दौरान सभी शुभ कार्यों को पर रोक लग जाती है। यहां तक कि सूतक काल ईश्वर की पूजा भी वर्जित हो जाती है। इस दौरान मंदिर के पट बंद हो जाते हैं और देवदर्शन सूतक और ग्रहण लगने के बाद होता है।
जानिए खग्रास सूर्य ग्रहण सूतक और मोक्ष का समय
- खग्रास सूर्य ग्रहण प्रारंभ: 9:04 PM
- खग्रास सूर्य ग्रहण का मध्य रात्रि 11:16 PM पर
- खग्रास सूर्य ग्रहण का 01:28 मोक्ष
ऐसे में सावन के महीने में साल 2026 का आखिरी सूर्यग्रहण लग रहा है। आइए जानते हैं कि यह सूर्यग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं और इसका सूतक काल कब से कब तक रहने वाला है।
2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण कब लगेगा
साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा और इसकी खगोलीय घटना भारतीय समय के अनुसार 12 अगस्त की रात से शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह तक चलेगी। भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 की सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण रात 11 बजकर 16 मिनट में पीक पर होगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, यानी चंद्रमा कुछ क्षेत्रों में सूर्य को पूरी तरह ढक देगा। यह ग्रहण उत्तरी गोलार्ध के कई हिस्सों में दिखाई देगा। इसकी दृश्यता का प्रमुख क्षेत्र उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन समेत कुछ अन्य इलाके होंगे। भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
भारत में क्यों नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण तभी दिखाई देता है जब किसी स्थान से देखने पर चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच इस तरह आ जाए कि सूर्य का प्रकाश उस स्थान तक बाधित हो। 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत के ऊपर से गुजरने वाले दृश्यता क्षेत्र में नहीं आएगा। भारत से ग्रहण का प्रत्यक्ष दृश्य नहीं मिलेगा। इसका अर्थ यह है कि भारत में रहने वाले लोगों के लिए यह सामान्य दिन की तरह रहेगा और यहां सूर्य ग्रहण देखने से जुड़ी कोई खगोलीय गतिविधि नहीं होगी।
क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा
नहीं। भारत में इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। हिंदू धार्मिक परंपरा में सूर्य ग्रहण से पहले सूतक की अवधि मानी जाती है। आम तौर पर सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक शुरू माना जाता है। हालांकि इसकी धार्मिक मान्यता उस स्थान से जुड़ी होती है जहां ग्रहण दिखाई देता है। 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इस कारण भारतीय शहरों में इस ग्रहण का सूतक काल नहीं माना जाएगा। इसका सीधा अर्थ है कि भारत में मंदिरों के कपाट बंद करने, पूजा-पाठ रोकने या भोजन से संबंधित ग्रहण के विशेष नियम लागू नहीं होंगे।
क्या भारत में ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ कर सकते हैं
हां। भारत में इस सूर्य ग्रहण की दृश्यता नहीं होने के कारण सामान्य पूजा-पाठ किया जा सकता है। मंदिरों में नियमित पूजा भी जारी रहेगी। ग्रहण के दौरान धार्मिक साधना करने की इच्छा रखने वाले लोग व्यक्तिगत श्रद्धा के अनुसार मंत्र जाप या ध्यान कर सकते हैं। इसके लिए भारत में कोई विशेष धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
क्या ग्रहण के दौरान खाना खा सकते हैं
भारत में इस ग्रहण का सूतक मान्य नहीं है, इसलिए भोजन को लेकर कोई विशेष धार्मिक रोक नहीं रहेगी। सामान्य समय की तरह भोजन किया जा सकता है। ग्रहण के कारण भोजन को फेंकने या घर का सारा खाना बदलने की धार्मिक आवश्यकता नहीं है।
सूर्य ग्रहण कहां दिखाई देगा
12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण दुनिया के कुछ उत्तरी हिस्सों में दिखाई देगा। इसकी पूर्णता का प्रमुख क्षेत्र उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड और आइसलैंड के आसपास रहेगा। स्पेन के कुछ हिस्सों में भी ग्रहण का प्रभाव दिखाई देगा। जहां पूर्ण ग्रहण दिखाई देगा, वहां कुछ समय के लिए सूर्य पूरी तरह चंद्रमा की छाया से ढक जाएगा। कुछ क्षेत्रों में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में नजर आएगा।
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मोहित तिवारीauthor
मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।
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