Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक का अनशन जारी, नहीं तोड़ा उपवास, क्या फिर से जाएंगे जंतर-मंतर?

Published on 20 जुल॰ 2026

Time Published: Monday, July 20, 2026, 20:49 [IST]

Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक युवा प्रतिनिधियों को संसद भवन में सांसदों से मिलकर अपनी बात रखने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे।

वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार से शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। वहीं, संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प तथा लाठीचार्ज की खबरों ने पूरे घटनाक्रम को और गरमा दिया है।

Sonam Wangchuk Hunger Strike

अनशन जारी रखने का ऐलान, संसद में संवाद की मांग

सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे देखते हुए उन्होंने अनशन जारी रखने का फैसला किया है। उनका कहना है कि जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलकर अपनी शिकायतें रखने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक उनका अनशन खत्म नहीं होगा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की।

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सरकार से शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की अपील

वांगचुक ने कहा कि उन्हें अस्पताल में लोगों से मिलने की अनुमति है, लेकिन उनकी प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय होना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करेगी और छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं ने लगातार संयम और शांति बनाए रखी है, जो लोकतांत्रिक आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है।

युवाओं के संयम की सराहना, पुलिस से भी की अपील

अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं की शांतिपूर्ण भूमिका की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उकसावे के बावजूद छात्रों ने धैर्य और अनुशासन नहीं छोड़ा। वांगचुक ने सरकार और दिल्ली पुलिस से अपील की कि प्रदर्शनकारियों को संसद के सामने अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए, ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके। उन्होंने भरोसा जताया कि छात्र आगे भी अहिंसक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।

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संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प

जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग और कई प्रतिबंध लगाए गए। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई। घटनास्थल से लाठीचार्ज की खबरें भी सामने आईं, जिसके बाद पूरे विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।