SIR शुरू होने से पहले ही 14.50 करोड़ GEN Z बन गए थे वोटर, अब हर महीने 16 लाख नाम जुड़ रहे; EC ने जारी किए आंकड़े - over 16 lakh gen z voters added every month ec reports massive rise in youth voters

Published on 27 सित॰ 2026

चुनाव आयोग की विशेष पहल के तहत हर दिन 50 हजार से अधिक युवा मतदाता वोटर लिस्ट में जोड़े जा ...और पढ़ें

चुनाव आयोग की पहल से हर दिन 50 हजार युवा मतदाता जुड़ रहे (AI जेनेरेटेड)

चुनाव आयोग की पहल से हर दिन 50 हजार युवा मतदाता जुड़ रहे (AI जेनेरेटेड)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने सहित युवा शक्ति को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए चुनाव आयोग की ओर से की जा रही विशेष पहल के नतीजे उत्साहित करने वाले है।

जिसमें हर दिन औसतन पचास हजार से अधिक युवा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से जोड़े जा रहे है। इनमें से अधिकांश पहली बार के मतदाता है।

हालांकि इनमें कुछ ऐसे नाम है, जिन्होंने मतदाता बनाने की 18 की साल की उम्र पूरी कर लिया था, लेकिन मतदाता नहीं बन पाए थे। जिन्हें विशेष अभियान के दौरान जोड़ा गया है।

हर महीने जुड़ रहे 16 लाख युवा मतदाता

चुनाव आयोग के मुताबिक मौजूदा समय में स्थिति यह है कि हर महीने लगभग 16 लाख युवा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से जुड़े है। इसके साथ ही आयोग 18 साल की उम्र पूरी होने वाले युवाओं की पहले से ही मैपिंग करने में भी जुटी है, ताकि जैसे इनकी उम्र पूरी होने उनके नाम को बगैर किसी देरी से तुरंत मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।

इसके साथ ही युवाओं को निर्वाचक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए चुनाव आयोग देश भर में ‘ मतदाता साक्षरता क्लब’ ( ईएलसी) को सक्रिय करने में जुटी है। इसके लिए खुद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार राज्यों का दौरा कर रहे है और वहां युवाओं के साथ संवाद कर रहे है।

देश में बढ़ रही युवा मतदाता की तादात 

इस मुहिम के तहत आयोग का लक्ष्य इस साल के अंत तक देश भर में करीब दस लाख मतदाता साक्षरता क्लबों को सक्रिय करने है। इनमें प्रत्येक विधानसभा में कम से कम दस ईएलसी को सक्रिय करने का है। इस क्लबों के जरिए युवाओं को मतदान प्रक्रिया, मतदाता बनाने की उम्र व मतदान में उनकी भागीदारी क्यों जरूरी है, जैसे विषयों की जानकारी दी जा रही है।

आयोग के मुताबिक जून 2025 में देश में एसआईआर शुरू होने से पहले मतदाता सूची में युवाओं यानी 18 से 28 वर्ष के मतदाताओं की संख्या जहां करीब 14.50 करोड़ थी, वहीं अब यह संख्या 17.38 करोड़ हो गई है। यानी डेढ़ साल में करीब 2.88 करोड़ युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ गया है।