नालंदा में तैनाती के दौरान SI पुष्पा ने खरीदी जमीनें: हिलसा में भी निवेश की जानकारी; शराब तस्करों से संबंध; अजीत हत्याकांड में 8 पकड़े गए - Nalanda News

Published on 21 अक्टू॰ 2026

मद्यनिषेध विभाग के आर्थिक आसूचना प्रभाग (EIB) के सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड की जांच अब विभाग के भीतर तक पहुंच गई है। मामले की मुख्य नामजद अभियुक्त और उत्पाद विभाग की निलंबित सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी की संपत्ति और शराब तस्करों से कथित संबंधों की भ

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दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि नालंदा जिले में करीब साढ़े तीन साल के सेवाकाल के दौरान पुष्पा कुमारी ने कई जमीनों में निवेश किया। राजगीर में करोड़ों रुपये की लागत से रिसॉर्ट बनाने की योजना और हिलसा में जमीनों की खरीद के मामले भी सामने आए हैं।

इन संपत्तियों को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने शराब लदी पिकअप वैन के चालक राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सिपाही अजीत की मौत वाली रात विभागीय टीम इसी पिकअप का पीछा कर रही थी।

हॉस्पिटल में पुष्पा को लेकर जाती पुलिस।

हॉस्पिटल में पुष्पा को लेकर जाती पुलिस।

राजगीर में रिसॉर्ट बनाने की तैयारी, हिलसा में भी खरीदी जमीन दैनिक भास्कर की पड़ताल के अनुसार, नालंदा जिले में करीब साढ़े तीन साल की तैनाती के दौरान पुष्पा कुमारी ने कई जगहों पर जमीन में निवेश किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजगीर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वह वहां एक आलीशान रिसॉर्ट बनाने की योजना तैयार कर रही थी।

इसके लिए उसने जमीन के कुछ बड़े टुकड़ों के लिए अग्रिम टोकन राशि भी दी थी। जमीन से जुड़ी कागजी प्रक्रिया बेनामी नामों से पूरी कराने की तैयारी थी।

राजगीर के अलावा हिलसा अनुमंडल में तैनाती के दौरान भी उसने जमीन खरीदी। स्थानीय जमीन कारोबारियों और अपने करीबी लोगों के जरिए हिलसा के प्रमुख इलाकों और बाईपास के आसपास की जमीनों में निवेश किया गया।

स्थानीय लोगों और विभागीय कर्मचारियों के बीच उसके रहन-सहन और खर्च को लेकर चर्चाएं होती थीं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि संपत्ति का ब्योरा सरकारी रिकॉर्ड में कम दिखाने के लिए कहीं जमीन दूर के रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर तो नहीं खरीदी गई।

EOU खंगाल रही संपत्ति और बैंक खातों का ब्योरा दैनिक भास्कर में पुष्पा कुमारी की संपत्ति को लेकर खबरें प्रकाशित होने के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आर्थिक अपराध इकाई ने जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि नालंदा में तैनाती के दौरान पुष्पा ने राजगीर, हिलसा, बिहारशरीफ और अपने पैतृक निवास के आसपास कितनी चल और अचल संपत्ति अर्जित की।

जांच एजेंसी उन जमीनों के दस्तावेज, रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज के कागजात जुटाने की तैयारी कर रही है, जो पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान पुष्पा या उसके परिजनों के नाम पर दर्ज हुई हैं।

जांच का मुख्य सवाल यह है कि सरकारी वेतन पाने वाली एक सब-इंस्पेक्टर के पास राजगीर में रिसॉर्ट के लिए जमीन खरीदने और हिलसा में बड़े भूखंडों में निवेश करने के लिए इतनी रकम कहां से आई।

संपत्ति जांच के दौरान SI पुष्पा को लेकर जाती पुलिस

संपत्ति जांच के दौरान SI पुष्पा को लेकर जाती पुलिस

शराब तस्करों से वसूली की आशंका, लेन-देन की जांच आर्थिक अपराध इकाई को आशंका है कि शराबबंदी कानून लागू कराने के नाम पर पुष्पा कुमारी शराब के अंतरराज्यीय तस्करों और स्थानीय सप्लायरों से रकम वसूलती थी। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल जमीन और रियल एस्टेट में तो नहीं किया गया।

एजेंसी पुष्पा के बैंक खातों, परिवार के सदस्यों के वित्तीय लेन-देन, लॉकर और हाल के महीनों में हुए संदिग्ध ऑनलाइन व नकद भुगतानों की जानकारी जुटा रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, पर्याप्त सबूत मिलने पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की जा सकती है। संपत्तियों को कानूनी रूप से जब्त करने की प्रक्रिया भी साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा सकती है।

लहेरी से पिकअप चालक राहुल कुमार गिरफ्तार सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड की जांच कर रही SIT को भी अहम सफलता मिली है। टीम ने शराब लदी पिकअप वैन के चालक राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है। वह नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र के मेहर पर का रहने वाला है।

जिस रात सिपाही अजीत कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, उस रात मद्यनिषेध विभाग और EIB की संयुक्त टीम शराब लदी इसी पिकअप का पीछा कर रही थी। उस टीम का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी कर रही थी।

पुलिस की पूछताछ और तकनीकी जांच में सामने आया कि पिकअप वैन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। इसके जरिए CCTV कैमरों, टोल प्लाजा और पुलिस जांच के दौरान वाहन की असली पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी।

हालांकि, रजौली के पास टोल नाके पर किए गए ऑनलाइन भुगतान के आधार पर चालक की पहचान हुई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में राहुल ने नालंदा और आसपास के इलाकों में अवैध शराब की खेप पहुंचाने की बात स्वीकार की है।

पुलिस गिरफ्त में पकड़े गए आरोपी।

पुलिस गिरफ्त में पकड़े गए आरोपी।

2025 में भी शराब की गाड़ी के साथ पकड़ा गया था राहुल पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राहुल कुमार पहले भी शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2025 में उत्पाद और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान उसकी एक दूसरी गाड़ी से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई थी।

उस मामले में मद्यनिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से तस्करी के नेटवर्क में सक्रिय हो गया।

अब जांच टीम यह पता लगा रही है कि पुष्पा कुमारी और राहुल कुमार के बीच पहले से कोई सीधा या परोक्ष संपर्क था या नहीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या पुष्पा को पिकअप की वास्तविक लोकेशन और उसमें ले जाई जा रही शराब की जानकारी पहले से थी।

साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि सिपाही अजीत कुमार की मौत का इन संभावित संबंधों से कोई जुड़ाव था या नहीं।

अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार EIB के सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड में SIT की कार्रवाई के दौरान अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक ओर SIT हत्या से जुड़े घटनाक्रम और शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच कर रही है,

वहीं दूसरी ओर EOU पुष्पा कुमारी की संपत्ति और वित्तीय लेन-देन का ब्योरा जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।