SEBI New CAS Rules: क्लोजिंग प्राइस से लेकर एक्सपायरी डे ट्रेडिंग तक बदलेगा नियम, 7 दिसंबर से बदलाव लागू
Published: Friday, October 16, 2026, 8:02 [IST]
शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए बड़ा अपडेट है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नियमों में बदलाव करते हुए नया फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत शेयरों की क्लोजिंग प्राइस तय करने के तरीके, ऑर्डर देने की समयसीमा और डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी के दिन ट्रेडिंग से जुड़े नियमों में बदलाव होंगे।

नए नियमों का ज्यादातर हिस्सा 7 दिसंबर 2026 से लागू होगा। वहीं, कुछ ऑर्डर से जुड़े प्रावधान 8 फरवरी 2027 से प्रभावी होंगे। ऐसे में अगर आप शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स-ऑप्शंस में कारोबार करते हैं, तो इन बदलावों को समझना जरूरी है। SEBI के नए फ्रेमवर्क के मुताबिक, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन हर कारोबारी दिन दोपहर 3:30 बजे से 3:40 बजे तक चलेगा। इस दौरान शेयरों की अंतिम कीमत तय करने के लिए ऑर्डर के आधार पर नीलामी जैसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सेशन के पहले मिनट यानी 3:30 से 3:31 बजे तक रेफरेंस प्राइस की गणना और ट्रेडिंग सेशन में बदलाव की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद 3:31 से 3:36 बजे तक ट्रेडर्स मार्केट और लिमिट, दोनों तरह के ऑर्डर दे सकेंगे। हालांकि, 3:36 बजे के बाद केवल लिमिट ऑर्डर की अनुमति होगी। इस दौरान मार्केट ऑर्डर में बदलाव या उन्हें रद्द नहीं किया जा सकेगा। ऑर्डर डालने की प्रक्रिया 3:38 से 3:40 बजे के बीच किसी भी समय सिस्टम के जरिए बंद कर दी जाएगी। इसके बाद ऑर्डर मैच होंगे और शेयरों की क्लोजिंग प्राइस तय की जाएगी।
कैसे तय होगी शेयरों की क्लोजिंग प्राइस?
नए नियमों के तहत क्लोजिंग ऑक्शन सेशन का रेफरेंस प्राइस लगातार ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 15 मिनट के कारोबार के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के आधार पर तय होगा। VWAP में शेयर की कीमत के साथ कारोबार की मात्रा को भी ध्यान में रखा जाता है। अगर आखिरी 15 मिनट में किसी शेयर में कारोबार नहीं होता है, तो उस दिन का आखिरी ट्रेडेड प्राइस रेफरेंस प्राइस के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, अगर पूरे दिन शेयर में कोई ट्रेड नहीं होता, तो पिछले कारोबारी दिन की क्लोजिंग प्राइस को आधार बनाया जाएगा। कॉरपोरेट एक्शन होने पर इस कीमत में जरूरी बदलाव भी किया जा सकता है।
एक्सपायरी के दिन ट्रेडिंग के समय में क्या बदलाव होगा?
SEBI ने इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स के ट्रेडिंग समय को लेकर भी स्पष्टता दी है। सामान्य कारोबारी दिनों में इंडेक्स डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग दोपहर 3:45 बजे तक जारी रहेगी। लेकिन एक्सपायरी वाले दिन इंडेक्स डेरिवेटिव्स के कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेडिंग दोपहर 3:30 बजे बंद हो जाएगी। दूसरी ओर, स्टॉक डेरिवेटिव्स में एक्सपायरी वाले दिन भी दोपहर 3:45 बजे तक कारोबार किया जा सकेगा। कैश मार्केट में पोस्ट-क्लोजिंग सेशन दोपहर 3:50 से शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान ट्रेडिंग क्लोजिंग प्राइस पर होगी।
एक्सपायरी सेटलमेंट में पुराने नियम ही रहेंगे-
डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स के लिए सबसे अहम बदलाव यह है कि एक्सपायरी के दिन इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स का सेटलमेंट प्राइस तय करने के लिए आखिरी 30 मिनट के VWAP की व्यवस्था बरकरार रखी गई है। इंडेक्स डेरिवेटिव्स के लिए इंडेक्स में शामिल शेयरों के VWAP के आधार पर वैल्यू निकाली जाएगी। वहीं, स्टॉक डेरिवेटिव्स के मामले में संबंधित शेयर का आखिरी 30 मिनट का VWAP सभी एक्सचेंजों पर हुए कारोबार के आधार पर तय होगा। इस बदलाव से एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन और डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट प्राइस के बीच संभावित अंतर को लेकर ट्रेडर्स की चिंता कम करने की कोशिश की गई है।
बचे हुए ऑर्डर को लेकर भी नियम बदले-
लगातार ट्रेडिंग सेशन के बाद बचे हुए पात्र लिमिट ऑर्डर को नए नियमों के तहत क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में आगे बढ़ाया जा सकेगा। हालांकि, स्टॉप-लॉस ऑर्डर और लागू प्राइस बैंड से बाहर के ऑर्डर इसमें शामिल नहीं होंगे। इन ऑर्डर को ट्रांसफर करने से जुड़े प्रावधान 8 फरवरी 2027 से लागू होंगे।
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Story first published: Friday, October 16, 2026, 8:02 [IST]
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