राहुल दिल्ली की झुग्गी बस्ती पहुंचे: SDM से पूछा- पूरी बस्ती के वोटर गायब कैसे, सिर्फ एक नाम बचा; SIR में 47 लाख नाम कटे

Published on 28 सित॰ 2026

नई दिल्ली4 घंटे पहले

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राहुल गांधी ने यह वीडियो अपने x हैंडल पर शेयर  किया है। - Dainik Bhaskar

राहुल गांधी ने यह वीडियो अपने x हैंडल पर शेयर किया है।

राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली में यमुना किनारे बसी बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती में पहुंचे।

राहुल ने X पर इसका वीडियो शेयर किया, जिसमें बताया कि यहां 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ एक नाम बचा, बाकी 727 नाम काट दिए गए।

राहुल ने बताया कि ये लोग दशकों से यहां रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा, 2025 के दिल्ली चुनाव में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे, पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं।

राहुल ने इन लोगों के बीच बैठकर ही SDM को फोन लगाया। उन्होंने पूछा कि मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई कनेक्शन नहीं है।

राहुल ने दावा किया कि खुद CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों का नाम क्यों काट दिया गया।

राहुल SDM से बोले- आपको दूसरे तरीके से देखूंगा

राहुल ने जब SDM को फोन किया तो अधिकारी कांग्रेस सांसद को जवाब नहीं दे पा रहे थे। इसी बीच राहुल ने कहा कि आप अपना नाम बताइए, मैं आपको दूसरे तरीके से देखूंगा।

बेला ईस्ट बस्ती में राहुल की 2 तस्वीरें…

राहुल झुग्गी के लोगों के बीच बैठे, उनसे बातचीत की। इस पूरी चर्चा का वीडियो भी बनवाया।

राहुल झुग्गी के लोगों के बीच बैठे, उनसे बातचीत की। इस पूरी चर्चा का वीडियो भी बनवाया।

पुल के नीचे बनी झुग्गी के बच्चों के साथ राहुल ने फोटो भी क्लिक करवाईं। एक झुग्गी में तिरंगा लगा हुआ नजर आया।

पुल के नीचे बनी झुग्गी के बच्चों के साथ राहुल ने फोटो भी क्लिक करवाईं। एक झुग्गी में तिरंगा लगा हुआ नजर आया।

दिल्ली SIR के बाद 47 लाख से ज्यादा नाम कटे

31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 97 लाख नाम हैं। इससे पहले दिल्ली में 1.45 करोड़ वोटर थे। मतलब करीब 47.5 लाख नाम लिस्ट में नहीं आए। 33 लाख से ज्यादा वोटरों को उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में गड़बड़ियों के कारण नोटिस भेजे गए हैं।

इनमें से कई मामलों में डेटा का मिलान 2002 में हुए पिछले SIR के दौरान तैयार वोटर लिस्ट से नहीं हो पाया।

दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 दिसंबर को आएगी

दिल्ली चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि बूथ-लेवल ऑफिसर्स उन वोटर्स के घर जाकर डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करेंगे, जिन्हें वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत की जा रही है।

चुनाव आयोग ने 25 सितंबर को दिल्ली में चल रहे SIR के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा एक महीने बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दी थी, और अब फाइनल वोटर लिस्ट 4 दिसंबर को जारी की जाएगी।

SIR में नाम नहीं, तो आवेदन कर सकेंगे

चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की मीटिंग के बाद कहा है कि SIR में जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, वे लगातार वोटर लिस्ट अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत संबंधित ERO के पास नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसमें युवा और पहली बार वोट देने वाले लोग भी शामिल हैं। आयोग ने CEO, DEO और ERO को ऐसे लोगों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में कुल 96.88 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, यानी करीब 14.1% वोटर्स के नाम SIR में काटे गए।

10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR

SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई।

तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR

चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है।

पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।

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