दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर 11 सितंबर 2026 को सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। शिक्षा निदेशालय ने छुट्टी का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
अगर आप दिल्ली में रहते हैं और आपके बच्चे स्कूल जाते हैं तो आपके लिए एक बेहद जरूरी खबर है। राजधानी दिल्ली में आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की भव्य तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार 11 सितंबर 2026 को दिल्ली के सभी स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे। दिल्ली सरकार ने इस दिन को आधिकारिक तौर पर छुट्टी घोषित कर दिया है, ताकि बच्चों और उनके अभिभावकों को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
दिल्ली में जब भी कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन होता है, तो शहर की रफ्तार थोड़ी बदल जाती है। ब्रिक्स समिट एक ऐसा ही बड़ा और ऐतिहासिक मौका है, जिसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और बड़े नेता हमारी राजधानी पहुंच रहे हैं। ऐसे में भारी वीवीआईपी मूवमेंट के चलते दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक और सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए जाते हैं। इन्हीं सब बातों को बारीकी से ध्यान में रखते हुए, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने यह सुनिश्चित किया है कि 11 सितंबर को किसी भी तरह की शैक्षणिक गतिविधि न हो।
यह आदेश सिर्फ कुछ गिने-चुने स्कूलों तक सीमित नहीं है। यह दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों, सरकार द्वारा सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त सभी प्राइवेट स्कूलों पर पूरी तरह से लागू होगा। चाहे आपका बच्चा किसी बड़े नामी प्राइवेट स्कूल में पढ़ता हो या फिर आपके घर के पास वाले साधारण स्कूल में, यह छुट्टी हर जगह मान्य होगी। यहां तक कि शिक्षा निदेशालय के अपने दफ्तर, हेडक्वार्टर और इसके अधीन काम करने वाले जिला स्तर के कार्यालय भी इस दिन बंद रहेंगे। मतलब साफ है कि शिक्षा विभाग से जुड़ा कोई भी प्रशासनिक काम उस दिन नहीं हो पाएगा।
ट्रैफिक और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया कड़ा फैसला
हम सबने देखा है कि जब शहर में हाई-प्रोफाइल इवेंट होते हैं, तो कई प्रमुख रास्तों को आम जनता के लिए बंद कर दिया जाता है या फिर रूट डायवर्ट कर दिए जाते हैं। ऐसे में अगर स्कूल खुले रहते, तो बच्चों को ले जाने वाली स्कूल बसों और प्राइवेट वैन के लंबे जाम में फंसने का पूरा खतरा था। छोटे-छोटे बच्चों को घंटों ट्रैफिक में फंसा देखना किसी भी मां-बाप या प्रशासन के लिए चिंता का विषय होता। इसी संभावित परेशानी को टालने और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए यह छुट्टी घोषित की गई है। कोई भी मान्यता प्राप्त स्कूल इस दिन अपनी मनमानी नहीं कर सकेगा। अगर कोई भी स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सीधी विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
अभिभावकों और छात्रों के लिए जरूरी हिदायत
अब सवाल उठता है कि जिन बच्चों के इस दौरान एग्जाम या कोई जरूरी टेस्ट होने वाले थे, उनका क्या होगा? इस अचानक हुए ऐलान से स्कूलों के तय कैलेंडर पर असर पड़ना लाजमी है। खासकर उन क्लास के बच्चों के लिए जिनकी परीक्षाएं बिल्कुल सिर पर हैं या कोई खास असेसमेंट शेड्यूल था। ऐसे में अभिभावकों को जरा भी घबराने की जरूरत नहीं है। स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर इन परीक्षाओं की नई तारीखें तय करेंगे।
अभिभावकों को बस यह सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से आने वाले मैसेज, ईमेल या स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर अपनी नजर बनाए रखें। स्कूल प्रशासन खुद आपको बताएगा कि रद्द हुए एग्जाम कब लिए जाएंगे या फिर आगे की क्लासेज का क्या शेड्यूल रहेगा। जब तक स्कूल की तरफ से कोई नया अपडेट न आए, तब तक आप आराम से इस छुट्टी का फायदा उठाएं।
चूंकि शुक्रवार को यह छुट्टी है, तो शनिवार और रविवार को मिलाकर बच्चों को पूरे तीन दिन का एक शानदार लॉन्ग ब्रेक मिल रहा है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस वक्त पूरी तरह से मुस्तैद हैं। आम जनता से भी यही अपील है कि बहुत जरूरी न हो, तो उस दिन घर से बाहर निकलने से बचें और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें। तो बस, अपने स्कूल के नए नोटिस का इंतजार करें और 11 सितंबर की इस विशेष छुट्टी के हिसाब से अपने दिन की बेहतर प्लानिंग कर लें।