बक्सर में 7 अगस्त को इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग को लेकर हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर रेल चक्का जाम हुआ था।
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इस मामले में आरपीएफ ने नामजद आंदोलनकारियों को समन भेजा था। मंगलवार को ये आंदोलनकारी अपने वकीलों के साथ आरपीएफ पोस्ट पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की।
रेलवे सुरक्षा बल ने इस रेल चक्का जाम मामले में 33 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसके बाद नामजद लोगों को समन भेजकर आरपीएफ पोस्ट पर आने को कहा गया था।

कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा
समन के आधार पर बक्सर सिविल कोर्ट के वरिष्ठ वकील राहुल आनंद, वकील संघ के सचिव बिंदेश्वरी पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, अतिपिछड़ा संघर्ष मोर्चा के संयोजक सरोज राजभर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरिशंकर उर्फ गोपाल त्रिवेदी और कांग्रेस नेता लक्ष्मण उपाध्याय समेत कई आंदोलनकारी और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता आरपीएफ पोस्ट पहुंचे।
आरपीएफ निरीक्षक कुंदन सिंह की मौजूदगी में अधिकारियों, वकीलों और आंदोलनकारियों के बीच पूरे मामले पर बातचीत हुई।
सभी पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा और मामले के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा की गई।
दर्ज मामले को वापस लेने की अपील
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि इटाढ़ी गुमटी को खोलने की मांग इलाके के लोगों की सुविधा और भलाई से जुड़ा मुद्दा है। आंदोलनकारियों ने इसी जनसमस्या को लेकर आवाज उठाई थी।
उन्होंने कहा कि अब जब इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को दोबारा खोलने का काम शुरू हो चुका है, तो आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले को वापस लेने पर भी विचार करना चाहिए।
वहीं, आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, समन मिलने के बाद जो नामजद अभियुक्त आ रहे हैं, उनके संबंध में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और बंधपत्र भरवाए जा रहे हैं।
25 मिनट तक बाधित रहा था रेल परिचालन
बता दें कि 7 अगस्त को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आंदोलनकारियों ने इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग को लेकर हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर करीब 25 मिनट तक रेल चक्का जाम किया था।
इस दौरान मगध एक्सप्रेस समेत तीन ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ था।
मंगलवार को आरपीएफ पोस्ट पर हुई सकारात्मक बातचीत के बाद आंदोलनकारियों ने उम्मीद जताई कि इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और रेल चक्का जाम मामले में भी आगे कोई सकारात्मक समाधान निकल सकता है।