Rewa CMO Suspended: रीवा के चाकघाट CMO शंखधर पांडेय सस्पेंड, वायरल ऑडियो से मचा था हड़कंप - Haribhoomi

Published on 16 सित॰ 2026

रीवा के चाकघाट CMO शंखधर पांडेय को महिला कर्मचारी से अमर्यादित बातचीत के आरोप में निलंबित किया गया है। वायरल ऑडियो की जांच के बाद कमिश्नर ने कार्रवाई की।

Chakghat CMO Shankhdhar Pandey

Chakghat CMO Shankhdhar Pandey

  • Published: 16 Sep 2026, 10:35 AM IST
  • Last Updated: 16 Sep 2026, 10:35 AM IST

Rewa CMO Suspended: रीवा जिले की चाकघाट नगर परिषद के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शंखधर पांडेय को महिला कर्मचारी से फोन पर अमर्यादित और अशोभनीय बातचीत के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की है। रीवा संभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर शीलेन्द्र सिंह को संभागीय आयुक्त के रूप में दर्ज किया गया है।

मामला सामने आने के बाद महिला कर्मचारी ने कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर SDM स्तर से मामले की जांच कराई गई। प्रशासन के अनुसार, जांच में महिला कर्मचारी से फोन पर अमर्यादित और अशोभनीय बातचीत के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए।

वायरल ऑडियो के बाद सामने आया मामला
मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, इसमें एक अधिकारी की आवाज महिला कर्मचारी से निजी तौर पर मिलने और कमरे में समय बिताने की बात करते हुए सुनाई देती है।

प्रशासनिक जांच के बाद कार्रवाई जरूर हुई है, लेकिन खबर में ऑडियो को लेकर लगाए गए सभी दावों और बातचीत के पूरे संदर्भ को जांच के निष्कर्ष के अनुरूप ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कलेक्टर की जांच में आवाज को CMO से जोड़कर देखा गया और इसके बाद निलंबन की कार्रवाई हुई।

महिला कर्मचारी ने लगाए कई आरोप
महिला कर्मचारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि CMO ने फोन पर उसके सामने अनुचित निजी अपेक्षा रखी। महिला के अनुसार, इस मांग को स्वीकार नहीं करने के बाद उसके खिलाफ नौकरी से हटाने की कार्रवाई की गई।

शिकायत में महिला ने अभद्र व्यवहार, नौकरी से निकालने की धमकी, वेतन नहीं मिलने और EPF की राशि जमा नहीं किए जाने से जुड़े आरोप भी लगाए थे। इन आरोपों की अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और आगे की जांच के आधार पर स्पष्ट होगी।

कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच
महिला की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए SDM से जांच कराई। प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में फोन पर हुई बातचीत को अमर्यादित और अशोभनीय पाया गया।

इसके बाद कलेक्टर की ओर से निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर कार्यालय भेजा गया। कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी CMO शंखधर पांडेय के निलंबन का आदेश जारी किया।

रीवा रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान शंखधर पांडेय का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन कार्यालय, रीवा रहेगा। आदेश के अनुसार उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम, 1966 के तहत की गई है।

नौकरी से हटाने और वेतन-EPF के आरोपों की भी जांच जरूरी
महिला कर्मचारी ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि कथित निजी मांग स्वीकार नहीं करने के बाद उसे नौकरी से हटाने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा उसने वेतन और EPF से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया था।

इन आरोपों की अंतिम स्थिति अलग से जांच और संबंधित रिकॉर्ड सामने आने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई का आधार महिला कर्मचारी से फोन पर अमर्यादित और अशोभनीय बातचीत का आरोप है, जिसे प्रारंभिक जांच में प्रथमदृष्टया सही पाया गया है।

मामले में सामने आए कथित ऑडियो और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों को लेकर आगे की जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर पूरे प्रकरण की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।