Ranchi News: अब मोबाइल पर मिलेगी RIMS की लैब रिपोर्ट, PHC में 12 घंटे का पावर बैकअप अनिवार्य

Published on 14 अग॰ 2026

Ranchi: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने काम तेज कर दिया है. शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के काम की समीक्षा की गई. बैठक में स्वास्थ्य विभाग, NHM, C-DAC, BSNL और दूसरी एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे.

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बैठक में सबसे पहले अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति की जानकारी ली गई. कई स्वास्थ्य संस्थानों से BSNL के इंटरनेट की कम स्पीड की शिकायत मिली थी. अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों में 100 Mbps क्षमता का Wi-Fi सिस्टम लगाया जा रहा है. ज्यादातर जिलों में यह काम पूरा हो चुका है.

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CHC स्तर पर 60 Mbps क्षमता का Wi-Fi उपलब्ध कराने का काम भी चल रहा है. मेडिकल कॉलेजों में यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है. PHC में भी इस सुविधा को लागू करने की तैयारी है.

बैठक में बिजली की समस्या को भी गंभीरता से लिया गया. कई PHC और दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली की कमी और पावर फ्लक्चुएशन के कारण इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. BSNL ने बताया कि अगले 15 से 20 दिनों में जरूरी पावर बैकअप की व्यवस्था कर ली जाएगी.

अजय कुमार सिंह ने जिला स्तर से लेकर CHC तक पर्याप्त पावर बैकअप उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने PHC में कम से कम 12 घंटे का पावर बैकअप रखने को कहा. जरूरत पड़ने पर इसे और बढ़ाया जा सकेगा. जिन स्वास्थ्य केंद्रों में अभी बिजली कनेक्शन नहीं है, वहां भी जल्द व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया.

C-DAC की ओर से डिजिटल हेल्थ मिशन की प्रगति की जानकारी दी गई. बताया गया कि RIMS रांची की लैब को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने का काम अंतिम चरण में है. काम पूरा होने के बाद मरीज अपनी लैब रिपोर्ट ऑनलाइन देख सकेंगे.

मोबाइल पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने की सुविधा भी तैयार की जा रही है. ABHA ऐप के जरिए भी रिपोर्ट लेने की सुविधा रहेगी. अपर मुख्य सचिव ने इन सभी कामों को 15 सितंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया.

बैठक में e-Gov और 104 पोर्टल के जरिए Human Resource Information System की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि NHM के संविदाकर्मियों के भुगतान को पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति से जोड़ने की तैयारी चल रही है.

संभावना है कि 30 सितंबर तक NHM के संविदाकर्मियों को पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर भुगतान की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.

बैठक में SAS, पीरामल और KPMG के प्रतिनिधियों ने भी अपने काम की जानकारी दी. अपर मुख्य सचिव ने सभी एजेंसियों और अधिकारियों को तय समय सीमा के अंदर काम पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मरीजों के लिए आसान और बेहतर बनाने पर जोर दिया. 

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