श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर प्रबंधन को अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके हैं।
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा
- Published: 02 Sep 2026, 05:00 PM IST
- Last Updated: 02 Sep 2026, 05:00 PM IST
अयोध्या में भव्य राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और हालिया प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए ट्रस्ट ने प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने की पहल की है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में मंदिर के इतिहास में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद का सृजन किया गया।
इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी के लिए भारतीय सेना में लंबा अनुभव रखने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई है।
देवरिया के निवासी हैं पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऐसा रहा शुरुआती सफर
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के मूल निवासी जितेंद्र मिश्रा देश के उन शीर्ष सैन्य अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने भारतीय वायु सेना को लंबे समय तक अपनी बेहतरीन सेवाएं दी हैं। उनका रुझान शुरुआत से ही देश सेवा की तरफ रहा, जिसके बाद उन्होंने कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया और 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित 'फाइटर स्ट्रीम' में कमीशन अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं।
'ऑपरेशन सिंदूर' में निभाई ऐतिहासिक भूमिका, पश्चिमी कमान को किया लीड
अपने करीब 37 वर्षों के गौरवशाली और साहसिक सैन्य करियर के दौरान जितेंद्र मिश्रा ने कई महत्वपूर्ण अभियानों को अंजाम दिया। उनके करियर का सबसे अहम पड़ाव 'ऑपरेशन सिंदूर' रहा, जिसमें उन्होंने भारतीय वायु सेना की रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाने वाली पश्चिमी वायु कमान की कमान संभाली और पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक लीड किया। इसी वर्ष 30 अप्रैल को वह एयर मार्शल के शीर्ष पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
मंदिर में पहली बार बना CEO का पद, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मिलेगी मजबूती
राम मंदिर परिसर में 7 जून को सामने आई चढ़ावा चोरी की घटना के बाद मंदिर प्रशासन की सुरक्षा और पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद से ही ट्रस्ट प्रबंधन को प्रशासनिक रूप से और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की योजना पर काम कर रहा था। पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को CEO बनाए जाने से अब मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट, भीड़ नियंत्रण, वित्तीय पारदर्शिता और दैनिक प्रबंधन को उच्च स्तरीय पेशेवर दिशा मिल सकेगी।