'पत्नी वोडाफोन के PUG की तरह नहीं', मद्रास HC ने दंपति के तलाक पर लगाई मुहर

Published on 3 सित॰ 2026

'पत्नी वोडाफोन के PUG की तरह नहीं', मद्रास HC ने दंपति के तलाक पर लगाई मुहर

मद्रास HC ने दंपति को तलाक की दी मंजूरीImage Credit source: Getty Images/Pixabay

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अलग हो चुके दंपति के तलाक को अस्वीकार करने वाले फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और उनकी 16 साल पुरानी शादी को खत्म करने वाला फैसला सुनाया. इस मामले में सबसे दिलचस्प बात ये रही कि कोर्ट ने वोडाफोन के एड में दिखाए जाने वाले पग (डॉग) का जिक्र किया और कहा कि पति-पत्नी से हमेशा साथ रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती है और पत्नी से वोडाफोन के विज्ञापन में दिखाए गए पग (PUG) की तरह व्यवहार करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है.

जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और एमडी सुमति की पीठ ने फैमिली कोर्ट की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उसने एक ‘क्रांतिकारी दृष्टिकोण’ अपनाया है, जब उसने यह फैसला सुनाया कि रोजगार के लिए घर से दूर जाने वाला पति बाद में अपनी पत्नी के कथित व्यभिचार के आधार पर तलाक नहीं मांग सकता है.

‘पत्नी को साथ ले जाना हमेशा संभव नहीं होता’

हाईकोर्ट ने 19 अगस्त को ये फैसला सुनाया था, जिसे 31 अगस्त को सार्वजनिक किया गया था. इस फैसले में कोर्ट ने कहा था, ‘कट्टरपंथी फेमिनिस्ट ट्रायल कोर्ट के क्रांतिकारी दृष्टिकोण की सराहना कर सकते हैं. हमें खेद है कि हम इसका समर्थन नहीं कर सकते. पत्नी को साथ ले जाना हमेशा संभव नहीं होता. मान लीजिए पति सैनिक है, सेना की बैरक में वैवाहिक घर बसाना संभव नहीं है. पत्नी लाभकारी रोजगार पा सकती है. उससे यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह वोडाफोन के उस विज्ञापन में दिखाए गए पग की तरह व्यवहार करे’.

हाईकोर्ट ने माना कि 16 साल के अलगाव के बाद संबंध इस हद तक टूट चुके हैं कि उन्हें सुधारा नहीं जा सकता. ऐसे में अदालत ने पति को पत्नी को 7 लाख रुपये गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया और कहा कि तलाक का आदेश राशि जमा होने पर ही प्रभावी होगा.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, दंपति ने 10 सितंबर 1992 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की और उनके चार बच्चे हुए. फिर 67 वर्षीय पति बाद में नौकरी के लिए अपनी पत्नी से अलग मुंबई चले गए और वहां काम करने लगे. शादी के कई साल बाद तक यह दंपति अलग ही रहे. अदालत ने गौर किया कि पत्नी ने पति के साथ संबंध जारी रखने के लिए कोई कदम नहीं उठाया था. अदालत ने टिप्पणी की कि उसकी ओर से कोई औपचारिक पत्र या सूचना भी नहीं भेजी गई थी.

फैमिली कोर्ट में क्या हुआ था?

साल 2014 में पति ने तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी. उसने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य पुरुष के साथ व्यभिचारी संबंध था. हालांकि फैमिली कोर्ट ने उसकी तलाक याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पति अपनी ही गलती का फायदा उठा रहा था, क्योंकि वह काम के लिए कहीं और जाने के दौरान अपनी पत्नी को पीछे छोड़ गया था. इसके बाद फैमिली कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि कानूनी तौर पर पति का दायित्व है कि वह पत्नी का भरण-पोषण करे. यौन इच्छा पर काबू पाना अत्यंत अव्यावहारिक है. इसलिए प्रत्येक पति का यह परम कर्तव्य है कि वह जहां भी जाए, अपनी पत्नी को साथ ले जाए और व्यभिचार या व्यभिचार की अफवाह का कारण न बने’.

मद्रास हाईकोर्ट ने फैसले में क्या कहा?

फैमिली कोर्ट के इसी फैसले को पति ने मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसपर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत कोई जीवनसाथी अपने ही गंभीर दुर्व्यवहार का फायदा उठाकर तलाक नहीं ले सकता. हालांकि अदालत ने फैमिली कोर्ट के इस विचार से भी असहमति जताई कि पति का मुंबई में नौकरी के लिए जाना वैवाहिक दायित्व का उल्लंघन था. अदालत ने कहा कि हम इस बात से पूरी तरह संतुष्ट हैं कि पक्षों के बीच संबंध इस हद तक टूट चुके हैं कि उन्हें ठीक करना असंभव है.

इसके बावजूद अदालत ने सौहार्दपूर्ण समझौते की संभावना तलाशने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत भी की, लेकिन यह प्रयास विफल रहा. ऐसे में कोर्ट ने कहा कि आरोपों और प्रत्यारोपों के नेचर को देखते हुए हम इस बात से संतुष्ट हैं कि दोनों पक्षों के बीच इतनी गहरी दुश्मनी है कि सुलह की कोई संभावना ही नहीं है.

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सोनू शर्मा

सोनू शर्मा

TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. यहां न्यूज डेस्क पर काम करते हैं. इससे पहले ट्रेंडिंग टीम में थे. न्यूज चैनल और डिजिटल मीडिया में 10 साल से अधिक का अनुभव है. पश्चिम बंगाल राज्य के कोलकाता स्थित NSHM कॉलेज से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. उसके बाद IBN7 (अब न्यूज18 इंडिया) में इंटर्नशिप की. फिर बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर सुदर्शन न्यूज चैनल से जुड़े. यहां स्पोर्ट्स टीम के साथ काम किया. फिर बिहार के पटना स्थित आर्यन न्यूज (बतौर प्रोड्यूसर), दिल्ली स्थित नेड्रिक न्यूज (बतौर सब एडिटर) और अमर उजाला जैसे संस्थानों में काम किया. अमर उजाला डिजिटल में बतौर सब एडिटर नेशनल और इंटरनेशनल बीट के साथ-साथ ट्रेंडिंग, ऑड, स्पोर्ट्स, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट पर काम किया. यहां शिफ्ट हेड की भूमिका भी निभाई. उसके बाद TV9 भारतवर्ष से जुड़े. ट्रेंडिंग के साथ-साथ ऑड न्यूज, हेल्‍थ, साइंस और रिसर्च में बेहतरीन पकड़ है. किताबें पढ़ने का शौक है.

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