Premanand Maharaj Shishya Death Case:वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) के शिष्य साधक रसिक दुलारी शरण (Rasik Dulari Sharan Death Case) की संदिग्ध मौत के बाद परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। मृतक शिष्य का असली नाम दीपक लोधी बताया गया है। वह जबलपुर का रहने वाला था और 2024 से वृंदावन में रह रहा था।
आश्रम से फोन आया, कहा- दीपक गिर गया
दीपक लोधी के परिजन के मुताबिक उन्हें फोन पर बताया गया कि दीपक गिर गया है और उसकी हालत गंभीर है। इसके बाद परिजन रात करीब 3 बजे आश्रम पहुंचे, लेकिन उनका दावा है कि उन्हें काफी देर तक घटना की साफ जानकारी नहीं दी गई।
3 दिन तक मिलने की कोशिश का दावा
दीपक की पत्नी के भाई सोनू पटेल के मुताबिक, गुरु दीक्षा लेने के बाद परिवार के लिए उससे मिलना मुश्किल हो गया था। परिजन का कहना है कि वे कई बार आश्रम पहुंचे, लेकिन कभी एक-दो घंटे इंतजार करने को कहा गया। परिवार का दावा है कि एक बार तो 3 दिन तक वृंदावन आश्रम के चक्कर लगाने के बाद भी दीपक से मुलाकात नहीं हो सकी।
परिवार ने मानसिक हालत पर भी सवाल उठाए
परिजन का कहना है कि दीपक उन्हें सामान्य नजर आता था और उसने कभी आत्महत्या जैसी बात नहीं कही। परिवार के मुताबिक वह कुछ लोगों से ये भी कहता था कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। हालांकि, परिजन ये साफ नहीं बता सके कि वह किस घटना की बात करता था। परिवार ने शरीर पर चोट को लेकर भी सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है।
चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत
जानकारी के मुताबिक घटना गुरु कृपा कुंज से जुड़ी है। सुबह करीब 10:30 बजे दीपक के चौथी मंजिल से गिरने की बात सामने आई। उन्हें गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत (Premanand Maharaj Shishya Death Case) हो गई। पुलिस आत्महत्या मानकर जांच कर रही है।
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परिवार को जांच और जवाब का इंतजार
परिजन चाहते हैं कि मौत से पहले की पूरी घटना, अस्पताल ले जाने में लगा समय और उन्हें जानकारी देने में हुई देरी की जांच हो। आश्रम की ओर से परिवार के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही मौत की असली वजह का खुलासा हो सकेगा।