Post Office Schemes : पोस्ट ऑफिस की 2 धांसू स्कीम, बेटी से बुजुर्ग तक के लिए फायदेमंद, कमाल की है ये स्कीम

Published on 13 सित॰ 2026

Post Office Schemes : पोस्ट ऑफिस (Post Office) की कई स्मॉल सेविंग स्कीम्स (Small Savings Schemes) लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इन योजनाओं में सरकार की ओर से तय ब्याज मिलता है और निवेश को सरकारी समर्थन हासिल होता है। खास बात यह है कि अलग-अलग उम्र और जरूरत के हिसाब से इनमें निवेश के विकल्प मौजूद हैं। बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) और रिटायरमेंट (Retirement) के बाद नियमित आय के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) काफी चर्चित योजनाएं हैं। आइए जानते हैं इन दोनों में निवेश से जुड़े जरूरी नियम और फायदे।

बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना

बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने साल 2015 (central government) में सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी। यह लंबी अवधि की बचत योजना है, जिसमें बेटी की पढ़ाई और आगे की जरूरतों के लिए फंड तैयार किया जा सकता है। दिए गए ब्याज दर के अनुसार इस योजना में 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है। 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर यह खाता खोला जा सकता है। माता-पिता या अभिभावक बैंक या पोस्ट ऑफिस में अकाउंट खुलवा सकते हैं। खाता 250 रुपये की शुरुआती जमा राशि से खोला जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.50 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। इसमें निवेश 15 साल तक करना होता है, जबकि योजना की अवधि 21 साल की होती है।

हर महीने 12,500 रुपये जमा करने पर कितना फंड बनेगा?

अगर बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि खाते में हर महीने 12,500 रुपये यानी सालाना 1.50 लाख रुपये जमा किए जाएं, तो 15 साल में कुल 22.50 लाख रुपये का निवेश होगा। दिए गए 8.2 फीसदी ब्याज के आधार पर 21 साल की अवधि पूरी होने पर यह रकम करीब 71.82 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इसमें करीब 49.32 लाख रुपये ब्याज के रूप में शामिल होंगे। वास्तविक राशि उस समय लागू ब्याज दरों के आधार पर बदल सकती है।

बुजुर्गों के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम

रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) एक विकल्प है। इसमें एकमुश्त निवेश किया जाता है और ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है। दिए गए 8.2 फीसदी ब्याज के अनुसार, इस योजना में एक व्यक्ति अधिकतम 15 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट में 30 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है। खाता 1,000 रुपये की शुरुआती राशि से खोला जा सकता है। इस योजना की सामान्य मैच्योरिटी अवधि 5 साल है। पात्रता और लागू नियमों के अनुसार इसे आगे बढ़ाने का विकल्प भी मिल सकता है।

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30 लाख रुपये निवेश पर हर तिमाही कितनी कमाई?

मान लीजिए किसी व्यक्ति ने SCSS के जॉइंट अकाउंट में 30 लाख रुपये निवेश किए। 8.2 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से सालाना ब्याज करीब 2,46,000 रुपये होगा। यानी हर तीन महीने में लगभग 61,500 रुपये ब्याज के तौर पर मिल सकते हैं। 5 साल की अवधि में ब्याज के रूप में मिलने वाली राशि अलग होगी और मैच्योरिटी पर नियमों के मुताबिक मूल निवेश की रकम भी वापस मिलती है।

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निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

पोस्ट ऑफिस की ये योजनाएं अलग-अलग जरूरतों के लिए उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन निवेश करने से पहले उम्र, टैक्स, ब्याज दर, लॉक-इन और निकासी से जुड़े मौजूदा नियमों को जरूर समझ लें। ब्याज दरें सरकार समय-समय पर संशोधित कर सकती है, इसलिए निवेश से पहले नवीनतम शर्तों की जांच करना बेहतर रहेगा।

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