सरकारी अस्पतालों में मिलेगा डॉक्टर का ऑनलाइन अपॉइंटमेंट: किस हॉस्पिटल में कितना ब्लड और मरीजों का पूरा डेटा भी होगा; जानिए-कैसे कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन - Jodhpur News

Published on 28 जुल॰ 2026

राजस्थान के सरकारी हॉस्पिटल में अब डॉक्टरों को दिखाने के लिए मरीजों को लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। जल्द ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सुविधा शुरू होने वाली है। मरीज ऑनलाइन डॉक्टर का अपॉइटमेंट लेकर मिले टाइम के हिसाब से हॉस्पिटल जाकर दिखा सकते हैं।

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किस हॉस्पिटल में कितना ब्लड और कौनसा ब्लड ग्रुप है, डॉक्टर का नाम, यूनिट और उनके मोबाइल नंबर सब ऑनलाइन मिल जाएगा। मरीजों का पूरा डेटा भी ऑनलाइन होगा।

सरकार इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम (IHMS) के तहत ये काम करने जा रही है। IHMS में दो फेज में काम हो रहा है। पहले फेज में क्यू मैनेजमेंट यानी टोकन सिस्टम और अब ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, जो जल्द शुरू हो जाएगा।

मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में टोकन के जरिए मरीजों का ओपीडी में दिखाने का नंबर आएगा, इसे लेकर काम अंतिम चरण में है।

मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में टोकन के जरिए मरीजों का ओपीडी में दिखाने का नंबर आएगा, इसे लेकर काम अंतिम चरण में है।

अपॉइंटमेंट से लेकर पेशेंट हिस्ट्री तक ऑप्शन मिलेंगे

मरीज या उसके परिजन को IHMS हेल्थ राजस्थान की वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट ओपन करने पर सात ऑप्शन- अपॉइंटमेंट, लेबोरेट्री रिपोर्ट, ब्लड बैंक, डॉक्टर इन्कवायरी, क्रिएट आभा, ग्रीवेंस, पेशेंट हिस्ट्री मिलेंगे।

डॉक्टर के ऑनलाइन अपॉइंटमेंट का पेज ओपन होगा। इसमें दो ऑप्शन होंगे- राजस्थान या नॉन राजस्थान। इसमें जिला सिलेक्ट करने पर वहां के हॉस्पिटल्स की लिस्ट आ जाएगी।

इसके लिए जनआधार नंबर, मोबाइल नंबर, पेशेंट का नाम, जेंडर, डेट ऑफ बर्थ और उम्र बतानी होगी। इसी पेज में डिपार्टमेंट का ऑप्शन आएगा यानी आपको किसे दिखाना है। जैसे जनरल मेडिसिन में दिखाना या फिर ऑर्थो​पेडिक में तो उसे सिलेक्ट करना होगा।

इसे सिलेक्ट करने के बाद अपॉइंटमेंट डेट और टाइम भरना होगा। ओपीडी के समय के अनुसार स्लॉट रहेगा। आप किस समय दिखाना चाहते हैं, वह सिलेक्ट कर उसे कंफर्म करना होगा। जैसे ही आप इसे कंफर्म करेंगे डॉक्टर का अपॉइंटमेंट आपको मिल जाएगा।

मरीजों को अपनी रिपोर्ट भी मिल जाएगी ऑनलाइन

  • इस इंटीग्रेटेड हेल्थ सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत ये है कि एक ही पोर्टल पर सबकुछ ऑनलाइन होगा। यहां तक कि प्रदेश के किस हॉस्पिटल में कौनसे ग्रुप में कितना ब्लड, प्लाज्मा आदि अवेलेबल है, ये सभी ऑनलाइन दिख जाएगा।
  • आपके जिले में सोमवार से लेकर शनिवार तक किस ​डिपार्टमेंट में कौन डॉक्टर रहेगा, वह भी जानकारी मिलेगी। इसमें डॉक्टर का नाम, यूनिट और यहां तक की उसके मोबाइल नंबर भी रहेंगे।
  • मरीज को भी अपनी ब्लड समेत अन्य लैब रिपोर्ट भी इसी पर मिल जाएगी। इसके लिए भी उसे बार-बार हॉस्पिटल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

दो फेज में हो रहा काम

IHMS के तहत दो फेज में काम हो रहा है। पहला क्यू मैनेजमेंट और दूसरा ऑनलाइन अपॉइंटमेंट। क्यू मैनेजमेंट यानी टोकन सिस्टम कई हॉस्पिटल में लागू हो चुका है। लेकिन जिन जिलों में ये नहीं है, वहां पहले फेज में टोकन रजिस्ट्रेशन होगा।

इस सिस्टम में मरीज या उसके परिजनों को लंबी लाइन में लगने से निजात मिलेगी। टोकन नंबर के आधार पर मरीज को बता दिया जाएगा कि उनका नंबर कब और कितनी देर में आएगा। इसे लेकर जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में काम शुरू हो चुका है। वहीं उम्मेद और मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में काम अंतिम चरण में है।

टोकन से ऐसे डॉक्टर को दिखा सकेंगे

टोकन के लिए मरीज को ओपीडी काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। काउंटर पर जाकर टोकन लेना होगा। इसी टोकन से उसकी ओपीडी पर्ची भी जनरेट होगी और डॉक्टर को दिखाने का नंबर भी टोकन पर होगा।

हॉस्पिटल में लगी स्क्रीन पर मरीज को अपना टोकन नंबर दिखने पर ओपीडी काउंटर पर जाना होगा। यहां उसे ओपीडी स्लिप मिलेगी। स्क्रीन पर उसका नंबर शो होगा और बताया जाएगा कि नंबर कितनी देर में आएगा। जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल में 60 और उम्मेद अस्पताल में 40 स्क्रीन लगेंगी।

ओपीडी पर्चियों को बदलने की भी कवायद शुरू

इस प्रोजेक्ट के तहत मरीजों को ओपीडी में दी जाने वाली पर्ची को बदलने की कवायद दी जा रही है। बताया जा रहा है कि अभी प्रदेश के कई सरकारी हॉस्पिटल में डॉट मैट्रिक्स के जरिए स्लिप दी जा रही है।

इसमें यूज होने वाला कागज और इंक इतनी हल्की होती है कि महज तीन से चार घंटे में कागज फट जाता है और इस पर लिखी इंक और प्रिस्क्रिप्शन मिट जाता है।

ऐसे में अब हॉस्पिटल में लेजर प्रिंटर से ए-4 साइज में ओपीडी स्लिप मिलेगी। ताकि लंबे समय तक ओपीडी स्लिप मरीज संभाल कर रख सकेगा।