दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन में अब सबसे ज्यादा चर्चा किसी राजनीतिक नेता की नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स की हो रही है जो तो मंच पर था और न ही संगठन का पदाधिकारी. यह नाम है मोहम्मद इरफान का. दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाने वाले इरफान का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और देखते ही देखते वह देशभर में चर्चा का विषय बन गए.
उनकी चर्चा तब और बढ़ गई, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी उनके घर पहुंचे. मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने अपनी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से फोन पर इरफान की बात कराई. इसी बातचीत में प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी की शादी को लेकर मजाकिया अंदाज में ऐसी बात कही, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
प्रियंका गांधी ने क्या कहा
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'द लल्लनटॉप' से बातचीत में मोहम्मद इरफान ने बताया कि राहुल गांधी के उनके घर पहुंचने से पहले प्रियंका गांधी का फोन आया था. इरफान के मुताबिक प्रियंका गांधी ने उनसे कहा कि वह राहुल गांधी से शादी करने के लिए कहें, क्योंकि वह उनकी बात नहीं मानते. इरफान ने हंसते हुए कहा कि उन्होंने भी मजाक में जवाब दिया कि वह चाहते हैं कि राहुल गांधी शादी न करें.
CJP प्रदर्शन से अचानक सुर्खियों में आए इरफान
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद 'द लल्लनटॉप' के पत्रकार रजत पांडे वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान नीली टी-शर्ट पहने मोहम्मद इरफान उनके पास पहुंचे और बातचीत शुरू हुई. कुछ ही मिनटों के इस इंटरव्यू ने लाखों लोगों का ध्यान खींच लिया. लोकतंत्र, संविधान, मजदूरों के अधिकार और सम्मानजनक जीवन पर इरफान ने जिस सहज भाषा में अपने विचार रखे, उसने सोशल मीडिया पर उन्हें नई पहचान दिला दी. रजत पांडे ने आजतक से बातचीत में कहा कि इरफान का इंटरव्यू उनके पत्रकारिता जीवन के सबसे यादगार इंटरव्यू में से एक है. उनके अनुसार इरफान ने जो बातें कहीं, वे किताबों से पढ़ी हुई नहीं बल्कि जिंदगी के अनुभवों से निकली थीं. उन्होंने कहा कि इंटरव्यू के दौरान इरफान कहीं नहीं रुके और बिना किसी तैयारी के लगातार अपनी बात रखते रहे. यही वजह रही कि वीडियो लाखों लोगों तक पहुंच गया.
कभी स्कूल नहीं गए, फिर भी संविधान पर पकड़
करीब 35 वर्षीय इरफान दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में रहते हैं. उन्होंने बताया कि वह कभी नियमित स्कूल नहीं गए. शुरुआती समय में केवल आंगनवाड़ी केंद्र तक ही पढ़ाई हुई. वह आज भी ठीक तरह से पढ़-लिख नहीं सकते और मोबाइल पर टाइप भी नहीं करते. इसके बावजूद संविधान, लोकतंत्र, श्रम कानून और सामाजिक मुद्दों पर उनकी समझ ने लोगों को चौंका दिया. इरफान ने बताया कि उन्होंने जो भी सीखा, वह इंटरनेट से सीखा. वह गूगल के वॉयस सर्च का इस्तेमाल करते हैं. यूट्यूब पर वीडियो सुनते हैं और वहीं से अलग-अलग विषयों की जानकारी जुटाते हैं. मजाकिया अंदाज में वह कहते हैं कि उनका विश्वविद्यालय गूगल, यूट्यूब और इंटरनेट है. इसी माध्यम से उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक मुद्दों को समझने की कोशिश की.
गरीबी की कहानी, लेकिन शिकायत कम
सोशल मीडिया पर इंटरव्यू वायरल होने के बाद 'द लल्लनटॉप' की टीम इरफान के घर पहुंची. दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में उनका अधूरा मकान है. छत का काम पूरी तरह नहीं हुआ है और कई हिस्से अभी भी निर्माणाधीन हैं. इरफान बर्फ बेचकर परिवार चलाते हैं. उन्होंने बताया कि रोज करीब 500 रुपये की कमाई होती है. उनका कहना है कि इतनी आय में परिवार, बच्चों की पढ़ाई और किसी मेडिकल इमरजेंसी का खर्च निकालना आसान नहीं होता. उनके अनुसार गरीबी केवल कम कमाई नहीं है, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जीने की चुनौती भी है. इरफान का कहना है कि वह प्रसिद्ध होने के लिए जंतर-मंतर नहीं गए थे. उनके मुताबिक देश में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की समस्याओं पर बहुत कम चर्चा होती है. उनका कहना है कि मजदूर विरोध इसलिए नहीं कर पाते क्योंकि एक दिन काम नहीं करने का मतलब घर का चूल्हा ठंडा पड़ जाना है. उन्होंने कहा कि आठ घंटे काम करने वाले मजदूर को कम से कम 18 हजार रुपये वेतन मिलना चाहिए. उनका आरोप है कि कई जगह 12 से 14 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन वेतन बहुत कम मिलता है.
संवाद पर दिया जोर
अपने वायरल इंटरव्यू में इरफान ने कहा था कि लोकतंत्र में संवाद सबसे जरूरी होता है. उन्होंने कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के रास्ते हमेशा खुले रहने चाहिए. उनके अनुसार किसी भी व्यक्ति की गरिमा का सम्मान लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है. उन्होंने यह भी कहा कि केवल पेट भर लेना ही जीवन नहीं है. लोगों के पास इतनी आय होनी चाहिए कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई, इलाज और सम्मानजनक जीवन की जरूरतें पूरी कर सकें.
राहुल गांधी पहुंचे घर
वायरल वीडियो के बाद राहुल गांधी खुद इरफान के घर पहुंचे. मुलाकात के दौरान उन्होंने इरफान और उनके परिवार को संसद आने का निमंत्रण दिया. बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी से भी फोन पर बात कराई गई. इरफान का कहना है कि उन्होंने राहुल गांधी से अपने लिए कुछ नहीं मांगा. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि गरीबों और मजदूरों की समस्याओं पर आवाज उठाई जाए.
क्यों चर्चा में हैं मोहम्मद इरफान
मोहम्मद इरफान की चर्चा केवल इसलिए नहीं हो रही कि राहुल गांधी उनके घर गए या प्रियंका गांधी ने उनसे फोन पर बात की. उनकी पहचान उस इंटरव्यू से बनी, जिसमें उन्होंने बिना किसी लिखित तैयारी के लोकतंत्र, संविधान, मजदूरों की जिंदगी और सम्मानजनक जीवन पर अपने विचार रखे. जंतर-मंतर के एक प्रदर्शन से शुरू हुई यह कहानी अब देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद इरफान का नाम लगातार सुर्खियों में है और लोग उनके जीवन, विचारों और संघर्ष के बारे में जानना चाह रहे हैं.
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