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अमेरिका-ईरान नहीं, रूस और यूक्रेन युद्ध भी पहुंचा रहा भारतीयों को नुकसान...जानें- काला सागर में क्या हुआ जो गायब हो गए दो भारतीय
- Edited by: नितिन अरोड़ा
- Updated Jul 27, 2026, 09:02 AM IST
MV AGN Ragnar Attack Missing Indians: काला सागर में मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद 2 भारतीय नाविक लापता। विदेश मंत्रालय ने काला सागर में काम करने वाले भारतीय सेफायरर्स के लिए जारी की सख्त एडवाइजरी।
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काला सागर में मालवाहक जहाज के साथ क्या हुआ जो गायब हो गए दो भारतीय, केंद्र सरकार ने जारी की सख्त एडवाइजरी (प्रतीकात्मक फोटो)
Black Sea Drone Attack Indian Seafarers: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर का समुद्री क्षेत्र भारतीय नाविकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। शनिवार शाम डेन्यूब नदी के बायस्ट्रे मुहाने से बाहर निकलते समय पलाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज 'एमवी एजीएन रैग्नार' (MV AGN Ragnar) पर तीन ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद जहाज से समुद्र में कूदे दो भारतीय नाविक चंद्रा राम दुबे और दीपक कुमार गुप्ता लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश में राहत और बचाव अभियान जारी है।
जहाज पर सवार चालक दल के 7 अन्य सदस्यों, जिनमें दो अन्य भारतीय भी शामिल हैं, इनको यूक्रेन कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, लगातार बने ड्रोन खतरे के कारण तलाशी अभियान को बीच में रोकना पड़ा है।
अब तक 5 भारतीय नाविकों की मौत
विदेश मंत्रालय और नौवहन महानिदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, मध्य जुलाई से अब तक काला सागर में मर्चेंट नेवी के जहाजों पर हुए हमलों में 5 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है।
18 जुलाई (MV Omorfi): सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे वाले जहाज पर ड्रोन हमले में भारत के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत हो गई थी।
19 जुलाई (MV Golden Leo): इस मालवाहक जहाज पर तीन रूसी मिसाइलों से हमला हुआ, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई। इसमें शामिल 5 भारतीय नाविकों में से दो (अखिल जोवन और अभिषेक निषाद) के शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य जले हुए शवों की डीएनए (DNA) जांच कराई जा रही है।
MEA ने जारी की सख्त एडवाइजरी
इस ताजा हमले और बढ़ती मौतों के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) और नौवहन महानिदेशालय ने काला सागर और यमन के तटीय पानी में काम करने वाले भारतीय नाविकों और भर्ती एजेंसियों (RPSL) के लिए कड़ा परामर्श जारी किया है। भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे संघर्ष-प्रभावित काला सागर क्षेत्र में काम पर जाने से पहले सुरक्षा जोखिमों का गहराई से मूल्यांकन करें।
जो नाविक इन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, वे अपने नियोक्ताओं और शिपिंग कंपनियों से सुरक्षा इंतजामों, आपातकालीन प्रक्रियाओं और पर्याप्त बीमा कवरेज की पूरी जानकारी लें। नौवहन महानिदेशालय ने भारतीय शिप-मालिकों और भर्ती एजेंसियों को काला सागर व यमन के संवेदनशील जलक्षेत्र में भारतीय नाविकों को तैनात करने से बचने के लिए कहा है।
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नितिन अरोड़ाauthor
नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।
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