छात्रों के भेष में असामाजिक तत्व कर रहे हैं वर्दी वालों पर हमला, जंतर-मंतर हिंसा में घायल इंस्पेक्टर ने सुनाई आपबीती

Published on 23 जुल॰ 2026

देश

छात्रों के भेष में असामाजिक तत्व कर रहे हैं वर्दी वालों पर हमला, जंतर-मंतर हिंसा में घायल इंस्पेक्टर ने सुनाई आपबीती

  • Edited by: नितिन अरोड़ा
  • Updated Jul 23, 2026, 02:36 PM IST

Jantar Mantar Protest Violence: जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर नंदकिशोर का बड़ा खुलासा। कहा-'छात्रों के भेष में असामाजिक तत्व वर्दी वालों को निशाना बनाकर पीट रहे हैं।'

Image

छात्रों के भेष में असामाजिक तत्व कर रहे हैं वर्दी वालों पर हमला, जंतर-मंतर हिंसा में घायल इंस्पेक्टर ने सुनाई आपबीती

Delhi Police Inspector Nand Kishore Injured: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने अस्पताल के बिस्तर से बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में उपचाराधीन इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर कोई आम छात्र नहीं, बल्कि उपद्रवी और असामाजिक तत्व छिपे हुए हैं जो जानबूझकर पुलिस, आरएएफ (RAF) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इलाज के बाद ANI से बात करते हुए कहा, 'इस हिंसक हमले में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए हैं और पुलिस वाहनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।'

150 लोगों की उग्र भीड़ ने पीछे से मारी लात और घूंसे

आरएमएल अस्पताल में अपना इलाज करा रहे इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने घटना की भयावहता को साझा करते हुए बताया कि वह बुधवार रात जंतर-मंतर पर नाइट ड्यूटी के लिए तैनात थे। उन्होंने कहा, 'भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें जंतर-मंतर के पास पार्किंग की जगह नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने हनुमान मंदिर रोड पर अपनी गाड़ी खड़ी की और वहां से संसद मार्ग की ओर पैदल ही निकल पड़े। सड़क पर छात्रों की भारी भीड़ देखकर उन्हें कोई डर नहीं लगा क्योंकि उन्हें लगा कि ये केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी छात्र हैं।'

उन्होंने बताया कि जब वह संसद मार्ग पहुंचे तो वहां लगभग 2,500 लोगों का हुजूम मौजूद था। तभी अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़ रही है और छात्रों पर हमला कर रही है। इतना सुनते ही लगभग 150 लोगों की हिंसक भीड़ ने उन पर पीछे से हमला बोल दिया। उनके साथ जमकर मारपीट की गई, लात-घूंसे मारे गए और उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया। गनीमत यह रही कि पास में मौजूद एक अन्य पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उनकी जान बचाई।

'जो भी यूनिफॉर्म में दिख रहा है, उसे देखते ही पीटा जा रहा है'

अस्पताल से बयान देते हुए घायल अधिकारी ने दावा किया कि इस आंदोलन की आड़ में अराजक तत्व सुनियोजित तरीके से सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं।

इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने कहा कि ये कृत्य किसी भी स्थिति में निर्दोष छात्रों का नहीं हो सकता। जो भी अकेला पुलिसकर्मी, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) या सीआरपीएफ का जवान वर्दी में नजर आ रहा है, भीड़ उसे देखते ही पीट रही है। उपद्रवियों द्वारा दिल्ली पुलिस की गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया है और उनमें तोड़फोड़ की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा फैलाने और कानून व्यवस्था को ठप करने वाले इन असामाजिक तत्वों की पहचान सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Nitin Arora

नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें

  • Hindi News
  • India

End of Article