नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Leader of the Opposition Rajya Sabha Mallikarjun Kharge) ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के हक और उनकी जायज़ मांगों के साथ है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री निवास के बार धरने पर बैठे हैं। इस बुज़दिल तानाशाह सरकार को लाठीचार्ज और बल प्रयोग पर जवाब देना होगा। मोदी-शाह हमारे युवाओं के गुनहगार हैं, उनको इस्तीफ़ा देना पड़ेगा।
पढ़ें :- राहुल गांधी का अपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकंतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत: जितेंद्र सिंहकांग्रेस पार्टी छात्रों के हक और उनकी जायज़ मांगों के साथ है।
हम प्रधानमंत्री निवास के बार धरने पर बैठे हैं।
इस बुज़दिल तानाशाह सरकार को लाठीचार्ज और बल प्रयोग पर जवाब देना होगा।
मोदी-शाह हमारे युवाओं के गुनहगार हैं, उनको इस्तीफ़ा देना पड़ेगा। pic.twitter.com/lQojRwouQB
पढ़ें :- PM आवास के बाहर कांग्रेस का धरना जारी, केंद्रीय मंत्री पहुंचे; राहुल गांधी ने रखीं 5 मांगें— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 21, 2026
मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा कि हम चाहते थे कि इस मुद्दे पर चर्चा हो, जिसके बाद गृह मंत्री एक स्टेटमेंट दें, लेकिन सरकार ने हमारा ही मुंह बंद करा दिया। आखिर प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया, उन्हें क्यों मारा-पीटा गया? अगर इन मुद्दों पर संसद में भी चर्चा न हो, तो कहां बात करें?
हम चाहते थे कि इस मुद्दे पर चर्चा हो, जिसके बाद गृह मंत्री एक स्टेटमेंट दें, लेकिन सरकार ने हमारा ही मुंह बंद करा दिया।
आखिर प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया, उन्हें क्यों मारा-पीटा गया? अगर इन मुद्दों पर संसद में भी चर्चा न हो, तो कहां बात करें?
पढ़ें :- राहुल गांधी, बोले-छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर है हमला, इनकी आवाज़ को नहीं किया जा सकता नज़रअंदाज़ये सरकार खुद… pic.twitter.com/Mit7Tl78x6
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 21, 2026
उन्होंने कहा कि ये सरकार खुद अराजकता (Anarchy Create) पैदा कर रही है, लोगों को उकसा रही है, ताकि उन पर लाठीचार्ज करवाया जाए, उन्हें मार-पीटकर, डराकर जेल में डाला जाए। हम कल भी सदन में इन मुद्दों पर बात करना चाहते थे, लेकिन हमें मौका नहीं दिया गया। ऊपर से हमें सदन से बाहर भी नहीं जाने दिया गया, जेल की तरह अंदर ही रखा गया।
मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा कि देश आज अराजकता (Anarchy) की तरफ बढ़ रहा है, जिसे मोदी जी और अमित शाह नियंत्रित (Control) नहीं करना चाहते हैं। हम ऐसे रवैये की कड़ी निंदा करते हैं।
खड़गे बोले- मेरा माइक बंद किया गया
पढ़ें :- प्रधानमंत्री आवास के बाहर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेता धरने पर बैठेकांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने संसद में अन्याय, उत्पीड़न और बनाए जा रहे दबाव के मुद्दे को उठाने का समय मांगा था। लेकिन जैसे ही मैंने बोलना शुरू किया, मेरा माइक बंद कर दिया गया।
छात्र पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन इस सरकार ने उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया , ये बहुत ही निंदनीय घटना है
हमारे देश के हजारों छात्र पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
लेकिन इस सरकार ने उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया।
उन्हें मारा-पीटा गया और उनके ऊपर आंसू गैस के गोले दागे गए।
ये बहुत ही निंदनीय घटना है। pic.twitter.com/u2A5vH83ME
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पढ़ें :- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में घायल छात्रों से राहुल गांधी ने की मुलाकात, कहा-आज देश में छात्रों का भविष्य रौंदा जा रहा
मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा कि हमारे देश के हजारों छात्र पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन इस सरकार ने उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया। उन्हें मारा-पीटा गया और उनके ऊपर आंसू गैस के गोले दागे गए। ये बहुत ही निंदनीय घटना है।
हमारे बच्चे न्याय के हकदार हैं, दमन के नहीं : मल्लिकार्जुन खड़गे
कल देश ने सरकार के तरफ से शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन को कुचलने, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटना देखी। न्याय की मांग कर रहे छात्रों की आवाज़ का जवाब देने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। ‘लोकतंत्र की जननी’ अपने युवा बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करती। इन दुखद हालात में, मैंने आज अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि मैं उन सभी कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और हर उस नागरिक का बहुत आभारी हूं जिन्होंने मुझे शुभकामनाएं भेजी हैं। आपका स्नेह मेरे लिए बहुत मायने रखता है और मैं आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं,लेकिन आज जश्न मनाने का दिन नहीं है। यह जवाबदेही तय करने और लोकतंत्र को बहाल करने का दिन है।
Yesterday, the nation witnessed lathicharges, tear gas shells, and the crushing of a peaceful Democratic protest by the Government. The voices of students demanding justice were met with force instead of answers. This is not how a 'Mother of Democracy' treats its young children.…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 21, 2026
न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों किया गया? संसद को लगभग सील क्यों कर दिया गया और इंटरनेट क्यों बंद कर दिया गया? बार-बार पेपर लीक होने और लाखों युवाओं की परेशानी के लिए कौन ज़िम्मेदारी लेगा?
सरकार को तुरंत संसद में इस मुद्दे पर पूरी चर्चा की अनुमति देनी चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस मामले की नैतिक और राजनीतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा देना चाहिए। सुरक्षित डिजिटल प्रश्न बैंक और रैंडमाइज्ड पेपर के साथ 21वीं सदी की छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली। शिक्षा पर अधिक खर्च के साथ एक स्वतंत्र और योग्यता-आधारित शिक्षा प्रणाली, जो RSS के राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त हो। परीक्षा में गड़बड़ी होने पर अनिवार्य रूप से दोबारा परीक्षा और मुआवज़े के ज़रिए छात्रों को कानूनी सुरक्षा। हमारे बच्चे न्याय के हकदार हैं, दमन के नहीं।