इंदौर में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा, छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीट रख वसूल रहा था मोटी रकम; संचालक गिरफ्तार| Navbharat Live

Published on 20 जुल॰ 2026

इंदौर में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा, छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीट रख वसूल रहा था मोटी रकम; संचालक गिरफ्तार

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सार

Indore Fake Consultancy: इंदौर के विजयनगर में जॉब कंसल्टेंसी का बड़ा फर्जीवाड़ा, नौकरी का झांसा देकर रख लीं 313 छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीट, वापस करने के बदले मांगी मोटी रकम, आरोपी गिरफ्तार।

Indore Police have arrested the operator of a fake job consultancy accused of collecting money from students after retaining their original marksheets on the pretext of providing employment

इंदौर फेक जॉब कंसल्टेंसी (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Indore Job Fraud: इंदौर में नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। विजयनगर थाना पुलिस ने ऑर्बिट मॉल स्थित अल्फ़ा कंसल्टेंसी के संचालक मयंक सराफ को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को अच्छी नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे 10वीं और 12वीं की ओरिजिनल मार्कशीट सहित अन्य दस्तावेज जमा कराता था। बाद में इन्हीं दस्तावेजों को वापस करने के नाम पर छात्रों से मोटी रकम की मांग की जाती थी। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

मार्कशीट लौटाने के बदले मांगे जाते थे 5 से 10 हजार रुपये

पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्रों की मूल मार्कशीट अपने पास रख लेता था और जब छात्र नौकरी न मिलने पर अपने दस्तावेज वापस मांगते थे, तब उनसे प्रति मार्कशीट 5 हजार से 10 हजार रुपये तक की मांग की जाती थी। शिकायत में यह भी सामने आया है कि यदि कोई छात्र पैसे देने से इनकार करता था तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इस तरीके से कई छात्रों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया गया। पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरीके से युवाओं को अपना शिकार बना रहा था।

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313 छात्रों की मूल मार्कशीट बरामद, कई और पीड़ितों की तलाश

विजयनगर पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 313 छात्रों की 10वीं और 12वीं की ओरिजिनल मार्कशीट बरामद की हैं। इतनी बड़ी संख्या में शैक्षणिक दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस को आशंका है कि इस फर्जीवाड़े का दायरा काफी बड़ा हो सकता है। बरामद दस्तावेजों के आधार पर अब अन्य पीड़ित छात्रों की पहचान की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन छात्रों से दस्तावेज लिए गए थे और कितनों से पैसे वसूले गए। साथ ही, जिन छात्रों ने अब तक शिकायत नहीं की है, उनसे भी सामने आने की अपील की जा सकती है।

पुलिस रिमांड पर आरोपी, पूरे नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस ने मयंक सराफ को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस पूरे फर्जीवाड़े में आरोपी अकेला था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस ऑर्बिट मॉल स्थित कंसल्टेंसी के संचालन, वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।

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अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इंदौर पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने और सभी पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

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