महाराष्ट्र में स्कूल बसों के लिए हाईटेक सुरक्षा नियम लागू, अभिभावक लाइव ट्रैक कर सकेंगे बस
-
Written By:
आलोक उमाकृष्ण
Updated On: Jul 19, 2026 | 07:40 PM IST
विज्ञापन
सार
Maharashtra School Bus New Rules: महाराष्ट्र सरकार ने स्कूल बसों के लिए नए नियम लागू किए। अब बसें 20 साल तक चल सकेंगी, लेकिन GPS, CCTV, पैनिक बटन, सीट बेल्ट और डिजिटल ट्रैकिंग अनिवार्य होगी।

महाराष्ट्र स्कूल बस नियम (सोर्स: AI)
विस्तार
Maharashtra School Bus New Rules GPS CCTV: महाराष्ट्र सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्कूल बसों के लिए नए व सख्त नियम लागू कर दिए हैं। संशोधित नियमों के तहत अब स्कूल बसें 20 वर्ष तक संचालित की जा सकेंगी, लेकिन इसके लिए सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
प्रत्येक स्कूल बस, शैक्षणिक संस्थान बस और स्कूल वैन में जीपीएस आधारित व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, पैनिक बटन, सीसीटीवी, डिजिटल सुरक्षा निगरानी प्रणाली और सभी सीटों पर सीट बेल्ट अनिवार्य होगी। इसके साथ ही स्कूल बसों के किराए पर भी आरटीओ की निगरानी रहेगी। नए सुरक्षा मानकों का निर्धारित अवधि में पालन नहीं करने वाले वाहनों के परमिट निलंबित या निरस्त किए जा सकेंगे।
किराया दरों का सत्यापन
परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार महाराष्ट्र मोटर वाहन (स्कूल बसों के विनियमन) नियम, 2011 में संशोधन करते हुए नए प्रावधान लागू किए गए हैं। अब क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय स्कूल बस, शैक्षणिक संस्थान बस और स्कूल वैन के लिए प्रति छात्र प्रति किलोमीटर आधारभूत किराया तय करेगा। मासिक या त्रैमासिक आधार पर वसूला जाने वाला किराया निर्धारित दर से 10 प्रतिशत से अधिक या 10 प्रतिशत से कम नहीं हो सकेगा।
सम्बंधित ख़बरें
स्कूल परिवहन समिति किराया दरों का सत्यापन करेगी, अभिभावकों की शिकायतों का निवारण करेगी और प्रत्येक तीन माह में जिला स्कूल बस सुरक्षा समिति को अनुपालन रिपोर्ट भेजेगी। नए नियमों के तहत प्रत्येक चालक, महिला परिचारिका और अन्य परिवहन कर्मचारियों की नियुक्ति लिखित रूप में करना, उनका पुलिस सत्यापन, चिकित्सकीय फिटनेस प्रमाणपत्र और नियुक्ति अभिलेख सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। इन दस्तावेजों का निरीक्षण क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और पुलिस आवश्यकता पड़ने पर कर सकेंगे।
डिजिटल निगरानी और बच्चों की सुरक्षा पर जोर
नए नियमों के तहत प्रत्येक विद्यार्थी की बस में चढ़ने और उतरने का समय दर्ज करना अनिवार्य होगा। कक्षा पांच तक के बच्चों के साथ हर यात्रा में महिला परिचारिका या नामित कर्मचारी रहेगा, जबकि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षित परिचारक और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। सभी स्कूल बसों में जीपीएस, सीसीटीवी और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य रहेगा। अभिभावक मोबाइल एप से बस की लाइव लोकेशन देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज परिवहन, शिक्षा विभाग तथा पुलिस को उपलब्ध करानी होगी। स्कूल प्रबंधन या वाहन मालिक को 30 दिन तक सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी।
यह भी पढ़ेः- महाराष्ट्र में डॉक्टरों की हड़ताल टली, राज्य सरकार के साथ हुई बैठक के बाद हुआ फैसला, लाखों मरीजों को मिली राहत
तीन महीने में करना होगा अनुपालन
संशोधित नियमों के तहत केवल एआईएस मानकों के अनुरूप वाहन ही स्कूल बस या शैक्षणिक संस्थान बस के रूप में मान्य होंगे। शिक्षा और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से स्कूल परिवहन व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करेंगे। सभी मौजूदा स्कूल बसों और वैन को राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के तीन माह के भीतर नए नियमों के अनुरूप बनाना होगा। समय सीमा में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर संबंधित वाहन का परमिट निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।
स्कूल एंड कंपनी बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने स्कूल बसों की आयु सीमा 20 वर्ष कर ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब मुंबई में भी 8 वर्ष की सीमा बढ़ाकर 15 वर्ष की जाए, ताकि पूरे राज्य में एक समान नीति लागू हो और बस संचालकों को आर्थिक राहत के साथ विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन मिल सके।
