Mau Fake Death Case: उत्तर प्रदेश के मऊ में हत्या के एक मामले में हैरान करने वाली घटना सामने आई है। साल 2016 में योगेश नाम के शख्स की हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए राजू पर आरोप है कि उसने पुलिस से बचने के लिए अपनी ही मौत का नाटक रचा। दावा है कि इस साजिश के तहत बकरे को चिता पर रखकर अंतिम संस्कार कराया गया और फिर मृत्यु प्रमाणपत्र के जरिए हत्या का मुकदमा बंद करा दिया गया।
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अर्थी सजाई, शव यात्रा निकाली
आरोपों के मुताबिक, राजू ने अपनी मौत साबित करने के लिए पूरी योजना बनाई। अर्थी सजाई गई, शव यात्रा निकाली गई और श्मशान घाट पर चिता पर शव की जगह बकरे को लिटाकर अंतिम संस्कार कराया गया। बताया गया कि इस दौरान तस्वीरें भी खिंचवाई गईं, ताकि घटना असली लगे और किसी को शक न हो।
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तस्वीरों के आधार पर बनवाया मृत्यु प्रमाणपत्र
दावे के मुताबिक, अंतिम संस्कार की तस्वीरों के आधार पर राजू का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया। बाद में इसे थाने में जमा कर दिया गया। राजू की मौत का रिकॉर्ड सामने आने के बाद हत्या का मुकदमा बंद कर दिया गया। इस मामले में सामने आए दावों के अनुसार, हत्या के आरोपी ने अपनी मौत का फर्जी रिकॉर्ड तैयार कराकर लंबे समय तक कानून से बचने की कोशिश की। लेकिन राजू की कलई खुल गई और अब वह पुलिस की हिरासत में है।
मऊ में वर्ष 2016 में योगेश की गोली मारकर हत्या हुई थी आरोपी राजू को आजीवन कारावास की सजा का अंदेशा हुआ तो नकली मौत का बहाना बनाया राजू को अर्थी पर लिटाया गया शव यात्रा निकाली गई श्मशान घाट तक फोटो शूट के बाद राजू अर्थी से उठा और बकरे को लिटा कर जलवा दिया अब राजू पकड़ा गया... https://t.co/NX0gAAN4Dw
— Ajay Kumar Dwivedi... (@AjayDwi65357304) October 25, 2026
अपनी ही मौत का रचा ऐसा ड्रामा, 10 साल तक पुलिस को देता रहा चकमा
हत्या के आरोपी राजू का हैरान करने वाला मामला, बकरे को चिता पर लिटाकर कराया अंतिम संस्कार..मृत्यु प्रमाणपत्र के सहारे बंद करा दिया मुकदमा
UP के मऊ में हत्या के एक मामले की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। वर्ष 2016 में योगेश की हत्या हुई तो आरोप राजू पर लगा। पुलिस से बचने के लिए राजू ने कथित तौर पर अपनी ही मौत का ऐसा नाटक रचा कि सिस्टम भी धोखा खा गया।
अर्थी सजी, शव यात्रा निकली और हो गया अंतिम संस्कार
आरोप है कि राजू ने अपनी मौत साबित करने के लिए बाकायदा अर्थी सजवाई और शव यात्रा निकलवाई। श्मशान घाट पर चिता पर शव की जगह बकरे को लिटाकर अंतिम संस्कार करा दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया की तस्वीरें भी खिंचवाई गईं, ताकि किसी को शक न हो।
तस्वीरों से बनवाया मृत्यु प्रमाणपत्र
अंतिम संस्कार की तस्वीरों के आधार पर मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया। इसके बाद यह प्रमाणपत्र थाने में जमा कर दिया गया। कथित तौर पर राजू की मौत का रिकॉर्ड सामने आने के बाद हत्या का मुकदमा भी बंद हो गया।
— Dinesh shukla (Journalist) 🇮🇳 (@Dinehshukla) October 25, 2026
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