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मध्य प्रदेश में कर्मचारी कल्याण हेतु विधिक विशेषज्ञ समिति गठित किए जाने की मांग
10/25/2026 11:08:00 PM
भोपाल, 25 अक्टूबर 2026: राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ ने सरकारी विभागों में विगत कई वर्षों से कर्मचारी कल्याण कार्यक्रमों के प्रति व्याप्त उदासीनता पूर्ण रवैए के कारण राज्य कर्मचारियों में उत्पन्न रोष व असंतोष पर चिंता व्यक्त कर कर्मचारी सेवा हितों संबंधी विधिक प्रकरणों में पारित न्यायादेशों के पालन एवं क्रियान्वयन में विभागीय मनमानी एवं "न्याय चोरी" का आरोप लगाते हुए, शासन द्वारा निष्पक्ष विधिक समीक्षा व जांच हेतु "विधिक विशेषज्ञ समिति" गठित किए जाने की मांग की है।
संगठन के संरक्षक श्री शीलप्रताप सिंह पुंडीर द्वारा जारी बयान में बताया है कि नियमित कार्यभारित तृतीय चतुर्थ श्रेणी एवं दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों द्वारा पदोन्नति स्थानांतरण सेवानिवृत्ति स्वत्त्व,वेतनमानों की विसंगतियों व श्रम कानूनों एवं संवैधानिक सेवा अधिकारों के हनन व विभागों से न्याय के प्रति नाउम्मीद होकर, शासकीय सेवकों द्वारा सरकारी अन्याय के खिलाफ स्थापना सेवाहितों की रक्षा व न्याय हेतु विभिन्न श्रम अदालतों,उच्च एवं सर्वोच्च न्यायालयों में शासन के विरुद्ध लाए गए अनेकों वाद प्रकरणों में अदालतों द्वारा सेवकों के पक्ष में निरंतर आदेश पारित किए जाने के बाद भी न्यायालयों द्वारा कर्मचारियों को दिया गया न्याय प्राप्त नहीं हो रहा है।
क्योंकि न्यायादेशों में प्रदान किए गए न्याय का विभागों द्वारा विधि अनुरूप पूर्ण पालन कर हितलाभ प्रदान करने के बजाय,तिकड़मबाजी एवं "न्याय चोरी" कर विधिविरुद्ध स्पीकिंग आदेश पारित व गैर प्रासंगिक रूप से अभ्यावेदन निराकरण के नाम पर उन्हें अमान्य या निरस्त कर सेवकों को माननीय न्यायालयों द्वारा दिए न्याय एवं संवैधानिक विधि अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है।
संगठन के प्रांताध्यक्ष श्री व्यास मुनि चौबे ने जारी बयान में बताया है वरिष्ठ कर्मचारी नेता व संरक्षक श्री शील प्रताप सिंह पुंडीर जी के नेतृत्व में राज्य समिति पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल द्वारा देश व प्रदेश की संवैधानिक अदालतों द्वारा सेवकों व श्रमिकों के पक्ष मै विगत 10 वर्षों में पारित अधिकांशतः न्यायादेशों के विरुद्ध सुनियोजित ढंग से विभागीय अधिकारियों द्वारा शासन को वित्तीय हानि की परवाह किए बिना न्यायादेश पालन से बचने अनावश्यक व बिना मजबूत आधारों के भी, अपील पे अपील करके न्याय को टाल दिया जाता है ।वहीं,विभागीय लापरवाही द्वारा मुख्य सचिव व शासन के विरुद्ध अनेकों अवमानना मामलों की स्थिति निर्मित की जाती है। इसी स्थिति में सरकार की महालेखाकार वित्तीय लेखा स्थापना रिकॉर्डऑडिट की भांति ही विभागों में विधिक न्यायादेशों की मनमानी अवज्ञा ओर न्यायिक निष्पक्षता एवं प्रासंगिकता अनुसार विधिअन्याय एवं "न्याय चोरी" की न्यायिक समीक्षा व निष्पक्ष जांच हेतु "विधिक विशेषज्ञ समिति"गठन कर सरकारी अन्याय पर रोक लगाने हेतु मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल एवं सामान्य प्रशासन विभाग,विधि एवं विधायी विभागों के अपर मुख्य सचिवों कोशीघ्र मांग ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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