प्रियंका चोपड़ा ने दिए पैरेंटिंग टिप्स,बेटी को दें अपनी पहचान बनाने की आजादी

Published on 18 जुल॰ 2026

Priyanka Chopra's Parenting Tips : हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी बड़ी होकर कॉन्फिडेंट और सक्सेसफुल बने। लेकिन कई बार समाज के डर या ओवर-प्रोटेक्टिव होने के चक्कर में हम बेटियों को खुलकर उड़ने का मौका नहीं दे पाते। ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा का मानना है कि एक मजबूत और निडर लड़की की परवरिश का मतलब सिर्फ उसे अच्छी शिक्षा देना नहीं, बल्कि बचपन से उसे अपनी बात रखने का अधिकार और खुद पर भरोसा करना सिखाना भी है। अपनी आने वाली फिल्म 'द ब्लफ' के प्रमोशन के दौरान प्रियंका ने पैरेंटिंग पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे वे अपनी बेटी मालती की परवरिश कर रही हैं। प्रियंका का मानना है कि बच्चों के दिमाग की प्रोग्रामिंग बचपन से ही शुरू हो जाती है, अगर हम उन्हें शुरुआत से ही अटेंशन देंगे, तो उनका सेल्फ-एस्टीम बहुत मजबूत होगा।

प्रियंका चोपड़ा का पैरेंटिंग स्टाइल क्यों है खास

प्रियंका की पैरेंटिंग स्टाइल बेहद प्रैक्टिकल और इमोशनल है। वे चाहती हैं कि उनकी बेटी मालती मैरी एक मजबूत और स्वतंत्र विचारों वाली लड़की बने।

निक जोनास और प्रियंका का पैरेंटिंग रूल

  • एक्टिव लिसनिंग: प्रियंका और उनके पति निक जोनास अपनी बेटी मालती की हर छोटी-बड़ी बात को बहुत ध्यान से सुनते हैं।

  • इमोशनल सपोर्ट: बच्चों को यह महसूस होना चाहिए कि उनके विचार और उनकी भावनाएं घर में सबसे ज्यादा मायने रखती हैं।

आत्मनिर्भर बेटी बनाने के टिप्स

अगर आप भी सोच रहे हैं किबेटियों की परवरिश कैसे करें, तो प्रियंका के जीवन से जुड़े इन 3 बड़े बदलावों को अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बना सकते हैं:

1. अपनी बात कहने का मौका दें

प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि उनके व्यक्तित्व को आकार देने में उनके पिता की भूमिका बेहद खास रही। बचपन में उन्होंने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वे छोटी हैं, इसलिए उनकी राय की कोई अहमियत नहीं है। घर में मेहमान हों या कोई गंभीर चर्चा, प्रियंका को हमेशा बोलने का मौका मिलता था। प्रियंका का मानना है कि बच्चों को सम्मानपूर्वक सुनना ही उनके आत्मविश्वास की पहली सीढ़ी होता है।

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अपनी बात कहने का मौका दें

2. खुद फैसले लेने की आज़ादी दें

प्रियंका के अनुसार, एक मजबूत लड़की की परवरिश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है उसे अपनी पहचान बनाने की आजादी देना। उन्होंने कहा कि बच्चों को हर बात पर गाइड करने की बजाय उन्हें छोटे-छोटे फैसले खुद लेने दें। इससे उनमें जिम्मेदारी का एहसास और आत्मनिर्भरता दोनों विकसित होते हैं। जब बच्चे महसूस करते हैं कि उन पर भरोसा किया जा रहा है, तो इससे उनका डिसीजन मेकिंग पावर मजबूत होता है।

3. हर समस्या का हल खुद न परोसें

प्रियंका ने यह भी कहा कि जब बच्चे किसी मुश्किल में हों, तो माता-पिता तुरंत समाधान देने के बजाय उन्हें खुद सोचने का मौका दें। इससे उनमें प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स का विकास होता है। यह आदत उन्हें भविष्य में कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए भी तैयार करती है।

मां बनने के बाद बदला प्रियंका का नजरिया

प्रियंका ने स्वीकार किया कि बेटी मालती के जन्म के बाद उनकी सोच पहले से कहीं ज्यादा संवेदनशील हो गई है। उन्होंने बताया कि मां बनने के बाद उन्होंने पहली बार उस भावना को गहराई से महसूस किया कि एक मां अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है। 

हर मां कभी न कभी अपराधबोध महसूस करती है

एक कामकाजी मां होने के नाते प्रियंका ने उन चुनौतियों पर भी बात की जिससे हर वर्किंग वुमन खुद को कनेक्ट कर पाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें भी कई बार 'मॉम गिल्ट' का सामना करना पड़ता है। जब वे काम के सिलसिले में बाहर होती हैं, तो उन्हें लगता है कि शायद वे मालती को पूरा समय नहीं दे पा रही हैं। लेकिन उन्होंने खुद को यह समझाया कि कोई भी मां परफेक्ट नहीं हो सकती, जरूरी यह है कि आप जितना भी समय दें, वह क्वालिटी टाइम हो।

माता-पिता के लिए प्रियंका की सीख

प्रियंका चोपड़ा की बातों से यह साफ संदेश मिलता है कि अच्छी परवरिश का मतलब सिर्फ बच्चों की जरूरतें पूरी करना नहीं है। उन्हें सुनना, समझना, उन पर भरोसा करना और अपनी पहचान बनाने की आजादी देना भी उतना ही जरूरी है। एक मजबूत और आत्मनिर्भर बेटी वही बनती है, जिसे बचपन से यह एहसास कराया जाए कि उसकी आवाज़ की कीमत है और उसके सपनों पर उसका पूरा अधिकार है।

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FAQ

Q.

प्रियंका चोपड़ा की बेटी का क्या नाम है?

A.

प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास की बेटी का नाम मालती मैरी चोपड़ा जोनास है।

Q.

बेटियों की परवरिश कैसे करें - सबसे आसान तरीका क्या है?

A.

बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें बचपन से ही खुद के फैसले लेने की आजादी दें, उनके विचारों का सम्मान करें और उनके आत्मविश्वास को लगातार बढ़ावा दें।

Q.

बच्चों का सेल्फ-कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए माता-पिता को क्या करना चाहिए?

A.

बच्चों की बातों को हमेशा ध्यान से सुनें। जब वे अपनी बात रखें, तो उन्हें बीच में न टोकें। इससे उनके अंदर यह विश्वास जगेगा कि उनकी राय महत्वपूर्ण है।

Q.

मॉम गिल्ट (Mom Guilt) से कैसे निपटें?

A.

यह स्वीकार करें कि कोई भी परफेक्ट पेरेंट नहीं होता। क्वांटिटी टाइम से ज्यादा क्वालिटी टाइम बिताने पर ध्यान दें और खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव न बनाएं।

Q.

क्या प्रियंका चोपड़ा की नई फिल्म 'The Bluff' पैरेंटिंग से प्रेरित है?

A.

प्रियंका ने बताया कि मां बनने के बाद उनके भीतर सुरक्षात्मक भावनाएं काफी मजबूत हुई हैं, जिसने उन्हें फिल्म 'The Bluff' में एक मां के प्रोटेक्टिव किरदार को बेहतर ढंग से निभाने में मदद की।