शिवाजीनगर : बेला के मनोकामना दुर्गा मंदिर में भक्तों ने किया कलश पूजन - Samastipur News

Published on 16 अक्टू॰ 2026

शिवाजीनगर | शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन गुरुवार को प्रखंड अतर्गत बेला चौक मनोकामना दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। इस दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और माता के जयकारों

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मंदिर में 251 कन्याओं एवं महिलाओं ने कलश स्थापित कर नवरात्र का अनुष्ठान किया। विद्वान पंडित आचार्य राम सरजू दास एवं मुन्ना कुमार दास ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से कलश पूजन कराया। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने मां स्कंदमाता से परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मनोकामना दुर्गा मंदिर में प्रत्येक वर्ष नवरात्र के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाता है।

सिटी रिपोर्टर | समस्तीपुर शारदीय नवरात्र को लेकर समस्तीपुर जिले में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। नवरात्र के पांचवें दिन गुरुवार को मां दुर्गा के पंचम स्वरूप माता स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों के देवी मंदिरों, पूजा पंडालों और घरों में श्रद्धालुओं ने माता की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-पाठ का सिलसिला शुरू हो गया। माता के जयकारे, घंटियों की ध्वनि और दुर्गा सप्तशती के पाठ से वातावरण भक्तिमय बना रहा। जिला मुख्यालय के विभिन्न देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने माता को पुष्प, अक्षत, फल, नैवेद्य और चुनरी अर्पित कर पूजा की। कई घरों में नवरात्र का अनुष्ठान कर रहे श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। पूजा पंडालों में भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। महिलाओं और युवतियों ने माता की आराधना कर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। संध्या होते ही जिले के विभिन्न देवी मंदिरों और पूजा पंडालों में दीपदान के लिए महिलाओं की चहल-पहल बढ़ गई। श्रद्धालु महिलाओं ने माता के समक्ष घी और तेल के दीप जलाकर पूजा-अर्चना की। दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर की सुंदरता और बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने माता की आरती में भाग लेकर घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

जिला मुख्यालय के साथ रोसड़ा, दलसिंहसराय, पटोरी, पूसा, कल्याणपुर, खानपुर, उजियारपुर, शिवाजीनगर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी नवरात्र को लेकर उत्साह बना हुआ है। देवी मंदिरों और पूजा स्थलों पर धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। घरों में कलश स्थापना करने वाले श्रद्धालु नियमित रूप से माता के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना कर रहे हैं। नवरात्र के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के एक विशिष्ट स्वरूप की पूजा की जाती है।