अफसर नहीं कर पाए कंपनी को ब्लैक लिस्ट:नई कंपनी को दिया ठेका, पुरानी को हटाया नहीं; काम शुरू नहीं किया, कचरे के पहाड़ जस के तस
ग्वालियर37 मिनट पहले
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केदारपुर लैंडफिल साइट
- शासन ने ग्वालियर के अलावा 5 शहरों में एक कंपनी को दिया काम
लैंडफिल साइट और बुद्धा पार्क में कचरे के पहाड़ों को खत्म करने में नगर निगम ने दयाचरण कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी थी। उसे निगम 477 रुपए मीट्रिक टन के हिसाब से भुगतान किया। इसके बाद भी कंपनी ने अनुबंध की जिम्मेदारी नहीं निभाई और काम पूरा नहीं किया। अब शासन ने कचरे के पहाड़ों को खत्म करने के लिए भोपाल से नई कंपनी को 360 रुपए मीट्रिक टन में काम सौंप दिया है।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 ने पांच शहरों के लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक विधि से निपटान के लिए कंपनी तय कर दी है। ओम शांति विजन नाम की कंपनी ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और सागर का काम संभालेगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास के स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के उप संचालक सर्वेंद्र पांडेय ने नई व्यवस्था से लीगेसी वेस्ट निष्पादन के संबंध में उक्त पांचों शहरों के आयुक्तों को पत्र भेज दिया है। लैंडफिल साइट पर 15 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा मौजूद है, जो दूर से ही पहाड़ के रूप में नजर आता है।
पहले 477 का टेंडर था, अब नई कंपनी 360 प्रति टन में कचरा हटाएगी
- 2.0 स्वच्छ भारत मिशन में नगरीय प्रशासन ने काम सौंपा
- 05 शहरों में काम, उज्जैन इंदौर, सागर व नर्मदापुरम भी
- 15 लाख टन से ज्यादा का हो गया है कचरे का पहाड़
अफसर नहीं कर पाए कंपनी को ब्लैक लिस्ट
निगम ने दयाचरण कंपनी को लीगेसी वेस्ट निपटान का काम 477 रुपए प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से दिया गया था। जबकि शासन ने जिन 5 शहरों में नई कंपनी को काम सौंपा है। वह ग्वालियर में 360 रुपए मीट्रिक टन में काम करेगी। इस तरह 117 रुपए कम में काम सौंपा है। इंदौर में नई कंपनी 375 रुपए, उज्जैन में 370, नर्मदापुरम में 380 और सागर में 360 रुपए मीट्रिक टन में काम होगा। शहर में एक समस्या पुरानी कंपनी को लेकर है। पुरानी कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का फैसला अभी तक नहीं होने से नई कंपनी को निगम एलओएल (आशय पत्र) लेटर नहीं दे रहा है।
कचरे के पहाड़ से सेहत के साथ पर्यावरण पर खतरा
लैंडफिल साइट और बुद्धा पार्क में जमा कचरे के पहाड़ शहर के पर्यावरण और लोगों की सेहत के लिए खतरा बन रहे हैं। बारिश के दौरान कचरे से रिसने वाला दूषित पानी मिट्टी और भूजल को प्रदूषित कर सकता है। सड़ते कचरे से मक्खी-मच्छर और दूसरे हानिकारक जीव पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है। कचरे में आग लगने पर जहरीला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है। लंबे समय तक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं होने से पर्यावरणीय संकट गहराता है।
भुगतान पर विवाद
दयाचरण कंपनी को 9.50 लाख मीट्रिक टन कचरा निष्पादन का ठेका मिला, लेकिन कंपनी ने ठीक से काम नहीं किया। इस कारण कचरे के पहाड़ कम नहीं हुए। भुगतान के विवाद पर निगम के एसबीएम सेल ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के लिए फाइल बनाकर आयुक्त कार्यालय भेज दी है, लेकिन उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ है।
5 शहरों में दिया है काम
लीगेसी वेस्ट के निष्पादन के लिए ओम शांति विजन नाम की कंपनी को काम सौंपा है। ये ग्वालियर सहित 5 नगर निगमों में निष्पादन का काम करेगी। कचरे का निष्पादन वैज्ञानिक विधि से होना है। इसे कराने की जिम्मेदारी ग्वालियर नगर निगम की है। - सर्वेन्द्र पांडेय, उप मिशन संचालक (शहरी) नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ननि
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