जीएनडीयू नॉन-टीचिंग यूनियन : बाज गुट का बना प्रधान, गुलाब गुट का उप-प्रधान - Amritsar News

Published on 16 अक्टू॰ 2026

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गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में वीरवार को हुए नॉन-टीचिंग स्टाफ यूनियन के चुनाव में यूनिवर्सिटी कर्मचारी डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी उड़ता बाज गुट ने शानदार जीत दर्ज की। करीब रात 10 बजे आए चुनाव परिणाम में प्रधान पद पर उड़ता बाज गुट के हरदीप सिंह नागरा ने 490 वोट लेकर डेमोक्रेटिक इंप्लाइज फ्रंट से गुलाब का फूल गुट से रजनीश भारद्वाज को करारी शिकस्त दी। रजनीश को 293 वोट वोट पड़े। गुलाब का फूल गुट से सिर्फ उप प्रधान गुरमीत सिंह बाठ को ही जीत मिली।

वहीं सीनियर उप-प्रधान पद पर परगट सिंह ने 493 वोट, सचिव पद पर राजिंदर सिंह ने 521 वोट, संयुक्त सचिव पद पर गुरप्रीत सिंह दर्दी ने 486 वोट, सचिव-पब्लिक रिलेशन पद पर चरणजीत सिंह ने 429 वोट और खजांची पद पर हरदीप सिंह ने 471 वोट हासिल करके बड़े अंतर से जीत हासिल की। 10 कार्यकारिणी सदस्यों के पदों पर भी उड़ता बाज के ही सभी उम्मीदवारों ने एकतरफा जीत दर्ज की है।

जीत के बाद उड़ता बाज गुट के नेताओं ने कहा कि यह जीत उनकी नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों की है। उनका दावा है कि उन्होंने बीते वर्ष (2025-26) के दौरान यूनिवर्सिटी अथॉरिटी से तालमेल बिठाकर कर्मचारियों के कई पेंडिंग मसले हल करवाए हैं।

झूठे वादों की बजाय जमीनी स्तर पर किए गए इन्हीं कामों को देखकर कर्मचारियों ने उन्हें दोबारा सेवा का मौका दिया है। उड़ता बाज गुट ने 2025-26 के दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन से कई अहम काम मंजूर करवाए, जिसका सीधा फायदा चुनाव में मिला।

इसमें यूनिवर्सिटी कैलेंडर के अनुसार सभी कैडरों एआर,सुपरिटेंडेंट, पीए, क्लर्क, टेक्नीशियन, हेड माली, सिक्योरिटी आदि में पहली प्राथमिकता के आधार पर प्रमोशन करवाए गए। कर्मचारियों के लिए बढ़ा हुआ 8 प्रतिशत डीए (महंगाई भत्ता) सितंबर 2026 के वेतन से लागू करवाया।

इसके अलावा लंबे समय से लटके हुए सेक्रेटेरिएट पे के बकाए को भी जारी करवाया। विभिन्न खाली पदों का विज्ञापन जारी करवाकर भर्ती प्रक्रिया शुरू करवाई गई। इनमें सिक्योरिटी गार्ड, टेक्नीशियन और प्रोग्रामर की भर्तियां शामिल हैं। कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए एडमिन ब्लॉक की ब्रांचों को सेंट्रल/हॉल एसी (एसी) करने की मंजूरी दिलवाई, जिसका टेंडर भी अलॉट हो चुका है।

लैब स्टाफ आदि के लिए कॉमन सीनियोरिटी लागू करवाई, जिससे लंबे समय से रुके हुए प्रमोशन शुरू हुए। इसके अलावा मेंटेनेंस विभाग के कर्मचारियों के लिए नया शेड बनवाया गया और दिहाड़ीदार कर्मचारियों की सैलरी में इंक्रीमेंट लगाने की फाइल को अंतिम चरण तक पहुंचाया। इन करवाए गए कामों के कारण ही उड़ता बाज गुट ने जीत हासिल की है। विजेता उड़ता बाज गुट के सदस्य।