श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर चल रहा किसान आंदोलन अब उग्र हो चुका है। शनिवार रात करीब 9.20 बजे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने श्रीगंगानगर कूच
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किसानों को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने गांव 12 एमडी स्थित टोल नाके पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। किसानों ने ट्रैक्टरों की मदद से बैरिकेड्स तोड़ दिए और टोल नाके की एक लेन शुरू कर दी। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर पर बैठकर आगे बढ़ गए।
अनूपगढ़ की ग्राम पंचायत पतरोड़ा में किसानों ने नेशनल हाईवे-911 को जाम कर दिया और हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए। यहां पर हनुमान बेनीवाल ने किसानों को संबोधित किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी, हाईवे से नहीं उठेंगे।
देखिए, किसानों के कूच की तस्वीरें…

किसानों ने अनूपगढ़ की ग्राम पंचायत पतरोड़ा में नेशनल हाईवे-911 को जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए।

घड़साना से सैकड़ों गाड़ियों और ट्रैक्टर पर किसानों ने श्रीगंगानगर की ओर कूच किया।

किसान ट्रैक्टर पर बैठकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े।

टोल नाके के पास लगाए गए बैरिकेड्स को किसानों ने ट्रैक्टर से तोड़ दिया।

किसानों को रोकने के लिए टोल नाके पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात किए गए।
मांगें नहीं मानने पर जयपुर में सचिवालय घेराव की चेतावनी
इससे पहले हनुमान बेनीवाल ने किसानों को संबोधित किया और सरकार को रात 9:15 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो किसानों के साथ जयपुर में सचिवालय का घेराव करेंगे। अब बेनीवाल के साथ सैकड़ों किसानों के श्रीगंगानगर कूच करने से आंदोलन तेज हो गया है।
किसान नेता नरेंद्र मान ने इसे आर-पार की लड़ाई बताते हुए कहा कि अब मांगों पर फैसला होना चाहिए। 1 महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद किसानों को मांगों पर लिखित समझौते का इंतजार है। किसान अब अपनी मांगों पर ठोस निर्णय चाहते हैं। केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। सिंचाई पानी की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्णय और लिखित सहमति जरूरी है।

18 सितंबर से किसानों ने किया एसडीएम ऑफिस पर पड़ाव
किसानों ने सिंचाई पानी सहित चार सूत्री मांगों को लेकर 10 सितंबर को आंदोलन शुरू किया था। मांगों का समाधान नहीं होने पर 18 सितंबर से घड़साना उपखंड कार्यालय के सामने पड़ाव डाल दिया। इसके बाद किसानों ने धरना जारी रखते हुए प्रशासन पर मांगों के समाधान के लिए दबाव बनाया।
किसान प्रतिनिधियों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं, लेकिन किसानों के अनुसार अब तक मांगों पर अंतिम सहमति और लिखित समझौता नहीं हो सका। किसानों का कहना है कि पर्याप्त पानी नहीं मिलने से बिजाई प्रभावित हो रही है। आगे फसल पकाई के दौरान भी पानी की कमी का संकट रहने की आशंका है। हम चाहते हैं कि पानी के बंटवारे की व्यवस्था ऐसी हो, जिससे बार-बार आंदोलन करने की नौबत नहीं आए।

किसानों को रोकने के लिए घड़साना के 12 एमडी टोल नाके पर पुलिस जाब्ता लगाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए 550 जवान तैनात किए
इससे पहले किसानों की सभा में बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना और बेनीवाल के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी। घड़साना में तीन बटालियन लगाई गई और करीब 550 जवान तैनात किए गए।

किसानों के समर्थन में घड़साना के बाजार बंद रखे गए।