वकील नाजिया खान ने किया पितरों के लिए तर्पण:उज्जैन में कहा- पाकिस्तान से आए थे धमकी भरे कॉल, मैं डरने वाली नहीं
उज्जैन11 घंटे पहले
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रामघाट पर तर्पण करतीं नाजिया खान।
उज्जैन में शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या पर सुप्रीम कोर्ट की वकील और भाजपा नेता नाजिया खान ने रामघाट पर अपने पितरों के लिए तर्पण किया है। उन्होंने शिप्रा नदी के किनारे करीब एक घंटे तक पूजन-अर्चन किया। नाजिया सुबह करीब 11 बजे उज्जैन पहुंची थीं। इससे पहले वह इंदौर और धार भी गई थीं।
नाजिया ने कहा कि तर्पण करने की बात सामने आने के बाद उन्हें पाकिस्तान, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) और जम्मू-कश्मीर से धमकी भरे कॉल आए। उन्होंने कहा कि धमकियों के बावजूद वे डरने वाली नहीं हैं।
नाजिया ने बताया कि वे अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करना चाहती थीं। उन्होंने अपने परिवार में ईद-उल-अजहा पर दी गई पशुओं की कुर्बानी का जिक्र करते हुए उनके मोक्ष के लिए भी पूजा कराई। उन्होंने कहा, "आज मुझे लग रहा है कि थोड़े से मेरे पाप तो धुले हैं।

पितरों के साथ मासूम जानवरों के मोक्ष के लिए भी पूजा
नाजिया खान ने बताया कि वे अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध कर रही हैं। उन्होंने पंडित जी से कहा कि उनके खानदान में बकरीद यानी ईद-उल-अजहा के नाम पर कई मासूम जानवरों की कुर्बानी दी गई थी। वे उन जानवरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए भी पूजा करना चाहती थीं। उनके मुताबिक, पंडित जी ने इसके लिए अलग से पूजा कराई।

तर्पण से पहले धमकी भरे कॉल आने का दावा
नाजिया ने दावा किया कि तर्पण करने की बात सामने आने के बाद से उन्हें पाकिस्तान के शहजाद भट्टी के टेररिस्ट नेटवर्क से लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने POK और जम्मू-कश्मीर से भी धमकी मिलने की बात कही।
नाजिया के मुताबिक, शुक्रवार रात उन्हें करीब 7-8 बार धमकी भरे कॉल आए। कॉल करने वालों ने उनसे तर्पण नहीं करने को कहा और संभलकर आने-जाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "मुझे कहा गया है कि संभलकर आना और संभलकर जाना, कहीं भी कुछ भी हो सकता है। लेकिन मैं डरने वाली नहीं हूं।"

नाजिया ने पूरे विधि विधान से पितरों का तर्पण किया है।
शाही मस्जिद विवाद पर बोलीं- अवैध निर्माण होगा तो टूटेगा
उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी को लेकर नाजिया खान ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने वालों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पुलिस को टारगेट करने से पहले संबंधित लोगों को अपने दस्तावेज देखने चाहिए।
नाजिया ने कहा, "पत्थरबाजी क्या लॉ एंड ऑर्डर के अंदर आता है क्या? गाली-गलौज क्या लॉ एंड ऑर्डर के अंदर आता है क्या?" उन्होंने सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से पुलिस के खिलाफ अफवाहें फैलाने का भी आरोप लगाया।

बोलीं- मुस्लिम समाज को गरबे और डांडिया में नहीं जाना चाहिए
गरबे और डांडिया में मुस्लिम युवकों के शामिल होने के सवाल पर नाजिया खान ने कहा कि मुस्लिम समाज को इन आयोजनों में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग अल्लाह और पैगंबर मोहम्मद की सुन्नत पर चलते हैं, उनके लिए गरबा और डांडिया हराम हैं।
नाजिया ने कहा, "उनके लिए तो हराम है गरबा, उनके लिए तो हराम है डांडिया, उनके लिए हराम है प्रतिमा को देखना, उनके लिए हराम है पंडाल को देखना, लोबान की महक सूंघना। उनको तो जाना ही नहीं चाहिए।"
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