त्योहारी सीजन में मिलावट का खेल: हल्दी में लेड क्रोमेट, सौंफ में खतरनाक केमिकल रंग तो दूध-पनीर में फॉर्मोलीन - Patna News

Published on 8 अक्टू॰ 2026

त्योहारी सीजन में मिलावट का खेल:हल्दी में लेड क्रोमेट, सौंफ में खतरनाक केमिकल रंग तो दूध-पनीर में फॉर्मोलीन

पटना25 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

राज्यभर से एकत्र किए गए 865 नमूनों में 11 जांच में फेल हुए

आपकी रसोई तक पहुंचने वाला सामान कितना सुरक्षित है, इसकी बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। मिलावट का यह खेल मिठाई, दूध और पनीर तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले मसालों में भी जानलेवा केमिकल मिलाए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा 27 अगस्त से 5 अक्टूबर तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान राज्यभर से 865 से अधिक नमूने एकत्र किए गए।

लैब जांच में इनमें से 11 नमूने सीधे तौर पर असुरक्षित अथवा तय मानकों से नीचे पाए गए हैं। दानापुर स्थित काव्या इंटरप्राइजेज के हल्दी पाउडर के नमूने में बेहद विषैला रासायनिक तत्व लेड क्रोमेट पाया गया। वहीं, गुलजारबाग स्थित निखिल इंटरप्राइजेज से उठाए गए सौंफ के नमूने में इसे गहरा हरा और चमकदार दिखाने के लिए प्रतिबंधित सिंथेटिक रंग फास्ट ग्रीन एफसीएफ मिला। विभाग ने दोनों मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

दूध और पनीर में शवों को सुरक्षित रखने वाला फॉर्मोलीन दूध और दुग्ध उत्पादों की जांच रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों के होश उड़ा दिए हैं। पटना के फतुहा सहित कई इलाकों में जब्त दूध में फॉर्मोलीन पाया गया। फॉर्मोलीन का उपयोग आमतौर पर प्रयोगशालाओं में शवों और जैविक नमूनों को सड़ने से बचाने के लिए किया जाता है, ताकि दूध कई दिनों तक फटे नहीं। इसके अलावा खगड़िया में पनीर के नमूने में फॉर्मोलीन और स्टार्च मिला, जबकि फैट की मात्रा मानक से काफी कम निकली। औरंगाबाद में भी पनीर में फॉर्मोलीन की पुष्टि हुई। जहानाबाद में धनिया पाउडर में तय मात्रा से अधिक स्टार्च और प्रतिबंधित सिंथेटिक रंग पाया गया।

डॉक्टर तेजस्वी बोले-मिलावटी खाद्य पदार्थों से लिवर-किडनी को खतरा प्रसिद्ध फिजिशियन डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट और आंतों की समस्या, उल्टी-दस्त, फूड प्वाइजनिंग और लिवर-किडनी पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। बचाव के लिए खुले और संदिग्ध खाद्य पदार्थों से बचें, पैकेट पर एक्सपायरी डेट एवं गुणवत्ता चिह्न देखें और ताजा एवं भरोसेमंद खाद्य सामग्री का ही इस्तेमाल करें।

.