कब से मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी और कितना मिलेगा एरियर? जानें आठवें वेतन आयोग का पूरा गणित!
Published: Friday, October 2, 2026, 16:28 [IST]
8th Pay Commission Update: आठवें वेतन आयोग से सैलरी बढ़ने का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के सामने अब एक और बड़ा सवाल है। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में अगर रिपोर्ट अगले साल आती है और सरकार उसके बाद इसे मंजूरी देती है तो कर्मचारियों की बढ़ी हुई सैलरी आखिर कब से मानी जाएगी? क्या फायदा रिपोर्ट लागू होने की तारीख से मिलेगा या फिर 1 जनवरी 2026 से पैसा जोड़कर एरियर दिया जाएगा?
यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार होने और नई सैलरी खाते में आने के बीच समय लग सकता है। पुराने वेतन आयोगों में भी कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ा है। ऐसे में आठवें वेतन आयोग के एरियर का गणित पुराने रिकॉर्ड और सरकार की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर समझा जा सकता है।
18 महीने में आनी है रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2025 को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के विचारार्थ विषयों को मंजूरी दी थी। आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीने के अंदर अपनी सिफारिशें देनी हैं। फिलहाल आयोग कर्मचारियों से जुड़े संगठनों और दूसरे पक्षों से मिलकर उनकी मांगों और सुझावों पर काम कर रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार इसकी सिफारिशों पर फैसला करेगी।
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क्या 1 जनवरी 2026 से बनेगा एरियर?
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा सवाल एरियर की तारीख को लेकर है। 28 अक्टूबर 2025 को जारी सरकारी जानकारी में पुराने ट्रेंड का जिक्र करते हुए कहा गया था कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित है। अगर सरकार अंतिम मंजूरी के दौरान 1 जनवरी 2026 को ही नई वेतन व्यवस्था की प्रभावी तारीख तय करती है और बढ़ी हुई सैलरी बाद में मिलनी शुरू होती है तो बीच की अवधि का पैसा एरियर के रूप में मिल सकता है। हालांकि अंतिम तारीख सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी।
7वें वेतन आयोग में क्या हुआ था?
सातवें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में किया गया था। आयोग ने बाद में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी और नई वेतन व्यवस्था को 1 जनवरी 2016 से प्रभावी किया गया। यानी आयोग के गठन, रिपोर्ट आने और नया वेतन लागू होने की तारीख एक होना जरूरी नहीं है। आठवें वेतन आयोग में भी रिपोर्ट आने और नई सैलरी मिलने के बीच अंतर हो सकता है।
कैसे समझें एरियर का गणित?
आठवें वेतन आयोग के एरियर की सही रकम अभी निकालना संभव नहीं है, क्योंकि नया फिटमेंट फैक्टर और वेतन ढांचा तय नहीं हुआ है। इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लें कि किसी कर्मचारी की पुरानी गणना के अनुसार रकम 40,500 रुपये बनती है और नए वेतन ढांचे में यह बढ़कर 46,260 रुपये हो जाती है। ऐसी स्थिति में हर महीने 5,760 रुपये का अंतर बनेगा।
अगर यही अंतर 12 महीने तक रहता है तो कुल रकम 69,120 रुपये होगी। वास्तविक एरियर नई और पुरानी सैलरी के अंतर तथा लागू होने की तारीख पर निर्भर करेगा।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी नजर
सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था और न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये तय हुआ था। अब आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, बेसिक पे में कितना बदलाव आएगा और महंगाई भत्ते समेत दूसरे भत्तों का क्या होगा, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है। इन्हीं सिफारिशों से तय होगा कि कर्मचारियों की नई सैलरी कितनी बनेगी और संभावित एरियर की रकम कितनी होगी।
पुराने आयोगों में भी लगा था समय
वेतन आयोग की प्रक्रिया पहले भी लंबी रही है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के मुताबिक पांचवें वेतन आयोग ने करीब 19 महीने में अपनी रिपोर्ट दी थी, जबकि छठे वेतन आयोग को रिपोर्ट देने में लगभग 32 महीने लगे थे।
ऐसे में आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने और सरकार की मंजूरी मिलने तक कर्मचारियों और पेंशनर्स को इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल सबसे अहम नजर आयोग की सिफारिशों, फिटमेंट फैक्टर और नई वेतन व्यवस्था की प्रभावी तारीख पर रहेगी।
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