सितंबर में रेप और यौन हिंसा के मामले, दिल्ली से बिहार तक नाबालिग भी निशाने पर, सड़क से कोर्ट तक उठी आवाज

Published on 29 सित॰ 2026

सांकेतिक तस्वीर: (फोटो साभार: FII)                                        

बिहार के समस्तीपुर में एक चार साल की लड़की के साथ रेप (बलात्कार) का मामला सामने आया है। रेप का आरोप लड़की के चाचा के ऊपर लगा है जो भी नाबालिग (15) है। 28 सितंबर 2026 को लड़की दोपहर में खेल रही थी। कथित तौर पर देवर (लड़की की मां का देवर यानी लड़की का चाचा) लड़की को खेलाने के बहाने अपने साथ घर ले गया। उस समय उस घर में और कोई सदस्य नहीं था। आरोप है कि अकेले का फ़ायदा उठाकर लड़की के साथ रेप किया गया। 

इसके बाद लड़की शरीर में चोट के साथ रोते हुए घर पहुंची। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार वालों ने पुलिस को सूचना करी। ये मामला अंगारघाटा थाना क्षेत्र का है। 

दैनिक भास्कर के रिपोर्ट अनुसार आरोपी ने पढ़ाई छोड़ दिया है और वो नशीले पदार्थ का सेवन भी करता है। घटना के समय वो नशे में ही था। लड़की का मेडिकल करवाया गया और जरुरी सबूत जुटाए जा रहे हैं। आरोपी को नाबालिग होने के कारण 29 सितंबर 2026 यानी आज जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। 

राजधानी दिल्ली में एक महीने में 13 रेप और यौन उत्पीड़न के मामले, जमुई मामला अलग 

ये रेप की खबर इस महीने के लिए नई खबर नहीं है। बता दें द प्रिंट में छपी खबर के अनुसार देश की राजधानी दिल्ली में ही सितंबर 2026 के महीने में कम से कम 13 मामले दर्ज किए गए हैं।

इनमें रेप और यौन उत्पीड़न शामिल हैं। इसी के साथ ही बिहार का जमुई मामला भी शामिल है। जहां 19 सितंबर 2026 को एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ अभद्र व्यवहार और मोरल पुलिसिंग (नैतिक पुलिसिंग) का वीडियो वायरल हुआ था।

  1. 2 सितंबर 2026 को दिल्ली के गुरुग्राम सेक्टर 28 में एक पांच साल की लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार का मामला सामने आया। जिसमें आरोप (61वर्ष) को गिरफ़्तार किया गया। लड़की के परिवार द्वारा लड़की को उसके पास उर्दू पढ़ाने भेजा था। 
  1. 2 सितंबर 2026 के ही दिन गाजियाबाद में एक मकान में एक एक नाबालिग लड़की (14-15) को बहला-फुसला कर ले गए। जिसके बाद लड़की के साथ कथित तौर पर गैंगरेप (सामूहिक बलात्कार) किया गया। इसके बाद पुलिस से मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया। 
  1. 3 सितंबर 2026 को पुलिस द्वारा गाजियाबाद से दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया जिन पर एक नाबालिग लड़की के साथ नौकरी दिलाने के बहाने गैंगरेप करने का आरोप लगा है। 
  1. 6 सितंबर 2026 को दिल्ली में एक लड़की द्वारा आरोप लगाया गया कि उसे नशीली दवा देकर उसके साथ रेप किया गया। इस घटना से जुड़े वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
  1. 10 सितंबर 2026, पश्चिमी दिल्ली रानहोला में एक टैक्सी चालक के ऊपर एक नाबालिग लड़की के साथ रेप करने का आरोप लगा। लड़की ने अपने मां को बताया कि टैक्सी चालक ने उसके साथ रेप किया। पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई। 
  1. 10 सितंबर 2026 को निहाल विहार में एक सात साल के लड़के के साथ कथित तौर पर यौन दुर्व्यवहार किया गया। आरोपी पड़ोसी ही था। जिसके बाद आरोपी के ऊपर मामला दर्ज किया गया। 
  1. 10 सितंबर 2026, पश्चिमी दिल्ली निहाल विहार में एक सात साल की नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर रिश्तेदार द्वारा रेप करने का आरोप लगा है। रिश्तेदार 33 साल का है जिसे गिरफ़्तार कर लिया गया। 
  1. 10 सितंबर 2026, नरेला, में कक्षा 8वीं के 13 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर एक नाबालिग लड़के द्वारा अपहरण कर रेप किया गया। कथित तौर पर आरोपी के दो और दोस्तों द्वारा इस घटना का वीडियो बनाया गया। जिसके बाद लड़की को किसी को भी कुछ नहीं बताने की धमकी दी गई। 
  1. 12 सितंबर 2026, स्वरूप नगर में एक 16 साल के लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया। जिसके बाद उसकी हत्या कर दी। आरोपी में तीन नाबालिग शामिल थे। रेप और हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया। 
  1. 14 सितंबर 2026, स्वरूप नगर में एक नौ साल की लड़की को कथित तौर पर सोते समय अगवा कर लिया गया। फिर उसके साथ बलात्कार किया गया। आरोपी लड़की का पड़ोसी ही था। जिसके बाद उसे पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किया गया। 
  1. 15 सितंबर 2026 राज नगर एक्सटेंशन गाजियाबाद में एक लड़की फटे हुए कपड़ों के साथ घूमते हुए पाई गई।इस स्थिति में लड़की के साथ गैंगरेप की आशंका हुई। हलांकी उस दौरान पुलिस द्वारा रेप की पुष्टि नहीं की गई। अभी के डेट में पुलिस द्वारा इसे आपसी विवाद का मामला बताया गया और आगे की जांच चल रही है। 
  1. 16 सितंबर 2026 सदर बाजार में एक दस साल की लड़की के साथ एक दर्ज़ी दुकान दार द्वारा यौन उत्पीड़न करने का आरोप सामने आया। कथित तौर पर लड़की को बहला-फुसला कर ले जाया गया फ़ोर बंधक बनया गया और फिर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया। 56 साल के दर्ज़ी आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया। 
  1. 21 सितंबर 2026 को कालकाजी के आस्थाकुंज पार्क में आए दो लड़कियों में से एक लड़की के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया गया। आरोपियों द्वारा अपने आप को पुलिस बताया गया जिसके बाद रेप किया गया। 

बढ़ते रेप और शाम ढलने के बाद पार्क बंद को लेकर आंदोलन शुरू 

बता दें इसी घटना के बाद दिल्ली सरकार और (DDA) द्वारा ये फैसला लिया गया कि दिल्ली में शाम ढलने के के बाद सभी पार्क बंद कर दिए जाएँगे। इस घटना और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों को लेकर दिल्ली में छात्रों और महिलाओं द्वारा ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किए गए। 

छात्रों द्वारा सड़कों में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए। 

छात्रों का कहना रहा कि ये नियम एक तरह से लड़कियों को कैद में रखने का इशारा है। उनका सवाल है कि क्या इस तरह के नियम सिर्फ लड़कियों के लिए है लड़कों के लिए कुछ नहीं? लड़कियाँ आधी रात क्यों नहीं घूम सकती? इसी से जुड़े कई श्लोगन और नारा भी बोला गया। “सारी रात हमारी है।, आज़ादी छह बजे के बाद एक्सपायर नहीं होती, छोटे कपड़े, छोटी सोच, राजा बेटा सुधार लो रानी बेटी राज करेगी।” साथ ही सरकार के ऊपर भी सवाल खड़े हुए कि दिल्ली में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं और उनके सुरक्षा और सुविधा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। 

उनका ये भी मानना है कि महिलाओं को हमेशा सावधान रहने, चुप रहने, समझौता करने के लिए कहा जाता है। लेकिन उनकी भी आज़ादी है और उनकी आज़ादी कोई समझौता नहीं है। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता आवाज़ें शांत नहीं होंगी। 

सुप्रीम कोर्ट ने भी दी अपनी प्रतिक्रिया 

दिल्ली में बढ़ती रेप की घटनाओं  के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए रुख़ अपनाया। जस्टिस जे. बी. पारदीवाला  जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने इन मामलों पर सुनवाई करते हुए मुख्य बातें कहीं – 

– घटनाएँ क़ानून व्यवस्था और प्रशासन की गंभीर कमज़ोरियों को उजागर करती है। केवल चिंता जताना या एकजुटता दिखाना इस सामाजिक बुराइयों का समाधान नहीं है। इसके लिए अधिकरियों को जवाब देही तय करनी होगी। 

– अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसी घटनाओं से 2012 के दर्दनाक निर्भया कांड की यादें ताजा हो जाती हैं और यह सवाल उठता है कि एक दशक बाद भी सुरक्षा तंत्र में कितना सुधार हुआ है। 

– कोर्ट ने जोर देकर कहा कि बिना किसी हिंसा या डर के सम्मान के साथ जीना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।

– पार्क, बस, मेट्रो स्टेशन, सड़क और फुटओवर ब्रिज जैसी जगहों को अपर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी या पुलिस गश्त की कमी के कारण ‘हाई-रिस्क जोन’ नहीं बनने दिया जा सकता।

– सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और संबंधित प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे संवेदनशील इलाकों की पहचान कर चार सप्ताह के भीतर व्यापक सुरक्षा ऑडिट करें और गश्त, लाइटिंग व सीसीटीवी व्यवस्था को मजबूत करें।

पिछले यानी अगस्त के महीने में दिल्ली से एक और रेप की खबर सामने आई थी। जहां कथित तौर पर चलती बस में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया। पुलिस के मुताबिक 4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक एक खाली स्लीपर बस में इस घटना को अंजाम दिया गया। हालाँकि मीडिया रिपोर्ट में 31 अगस्त 2026 को यह मामला हाईलाइट हुआ। इस मामले में पुलिस ने बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया।

रेप में नाबालिग शामिल 

इन सभी मामलों से एक बात साफ हो जाती है कि महिलाएं और लड़कियाँ कहीं पर भी सेफ या सुरक्षित नहीं हैं। आख़िरकार हिंसा इतना बढ़ने का कारण क्या है? ऐसी क्या चीज़ है कि हिंसा करने वालों को डर के बजाय हिम्मत मिल रही है और घटनाएँ रोज बढ़ रही है। ये तो बस वही केस हैं जो दर्ज किए गए हैं। उनका क्या जो दर्ज नहीं किए गए हैं। किसी कारण से जानकरी दीवारों के अंदर बंद हो जाती है। 

देखा जाए तो इस महीने सामने आए कथित तौर पर रेप की घटनाएँ और यौन हिंसा विभिन्न परिस्थितियों की एक भयावह तस्वीर पेश करती है। 

एक और ध्यान देने वाली बात है कि इन सभी घटनाओं में ज़्यादा नाबालिग शामिल हैं। इसकी संख्या ने राजधानी और देश के तमाम शहरों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के बारे में सवाल खड़े कर दिए हैं।