भारतीय एथलेटिक्स कोच पर लाइफटाइम बैन, डोपिंग के मामले में पहली बार मिली ऐसी सजा

Published on 16 सित॰ 2026

भारतीय एथलेटिक्स कोच पर लाइफटाइम बैन, डोपिंग के मामले में पहली बार मिली ऐसी सजा

डोपिंग के मामले में कोच के बैन होने का पहला ही मामला हैImage Credit source: Getty Images

एशियन गेम्स 2026 कुछ ही घंटों में शुरू होने वाले हैं. इन गेम्स में भारतीय खिलाड़ी कई मेडल के लिए दावा पेश करेंगे. हालांकि गेम्स से पहले ही कुछ एथलीट डोपिंग के मामले में फंस चुके हैं और बाहर हो चुके हैं. मगर, अब एक भारतीय कोच भी डोपिंग का दोषी पाया गया है और उस पर जिंदगीभर का बैन लग गया है. नेशनल एंटी डोपिंड एजेंसी (NADA) ने एथलेटिक्स कोच राकेश कुमार को एंटी-डोपिंग कानून के उल्लंघन का दोषी पाते हुए आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि, राकेश एशियन गेम्स का हिस्सा नहीं हैं.

खिलाड़ी को डोपिंग कराने का दोष

NADA ने डोपिंग के उल्लंघन के मामलों की सूची जारी की. इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम एथलेटिक्स कोच राकेश कुमार का था. NADA ने इस कोच पर लाइफ बैन लगाने का फैसला किया है. राकेश पर आरोप था कि वो खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ दे रहे थे, जो कि NADA और WADA के नियमों का उल्लंघन है. इस तरह वो भारतीय खेलों के इतिहास में डोपिंग के मामले में बैन होने वाले पहले कोच बन गए.

कोच राकेश के खिलाफ ये मामला कोई नया नहीं है बल्कि उन्हें 2025 में ही सस्पेंड कर दिया गया था. मार्च 2025 में उनके खिलाफ मामला सामने आने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था. अब उन पर लगा आरोप साबित हो गया है और इसलिए उन्हें आजीवन प्रतिबंध की सजा मिली है. उनका ये बैन मार्च 2025 से ही लागू माना जाएगा, जब उन्हें पहली बार सस्पेंड किया गया था.

इन पर भी हुआ एक्शन

सिर्फ कोच राकेश ही नहीं बल्कि पावर-लिफ्टर गौरव वत्स को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है. वत्स के पास प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए हैं और उन पर इनकी तस्करी का भी आरोप है. इस साल अप्रैल में NADA ने गुप्त सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में नजफगढ़ स्थित गौरव वत्स की कंपनी पर छापा मारा था. न्यूट्रीशन सप्लीमेंट्स बनाने वाली वत्स की कंपनी पर पड़े इस छापे में NADA और पुलिस को भारी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ मिला था.

इनके अलावा खेलो इंडिया गेम्स में वेटलिफ्टिंग की गोल्ड मेडलिस्ट चेल्सी को डोप टेस्ट में फेल होने पर 5 साल के लिए बैन कर दिया गया है. इनके अलावा एक नाबालिग वेटलिफ्टर को भी असस्थायी रूप से सस्पेंड किया गया है. वहीं नेशनल इंटर-स्टेट कम्पटीशन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली स्प्रिंटर प्रकृति रूपा को भी अस्थायी रूप से सस्पेंड किया गया है.

सुमित सुन्द्रियाल

सुमित सुन्द्रियाल

इस वक्त TV9 हिंदी (स्पोर्ट्स 9) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (स्पोर्ट्स) की भूमिका में हूं. यहां तक पहुंचने की शुरुआत 2009 से हुई, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया ऑनर्स कोर्स (2009-12) में एडमिशन लिया. फिर 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा किया. यहीं से 2013 में पहली बार पेशेवर पत्रकारिता में कदम रखे और सबसे पहले न्यूज 18 इंडिया टीवी चैनल में जगह बनाई. डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेने से पहले करीब 6 साल टीवी इंडस्ट्री में ही गुजरे, जहां असानमेंट डेस्क पर काम किया. असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए जानकारी जुटाना सबसे अहम काम होता है और उस खबर के हर पहलू को जांचना और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है. यही काम न्यूज 18 इंडिया में रहते हुए किया. इसके बाद खेल और खेल की खबरों के मोह ने डिजिटल जर्नलिज्म की ओर मोड़ा और एक नया सफर शुरू हुआ. इसकी शुरुआत IPL 2019 के दौरान हुई, जब क्विंट हिंदी का दामन थामा. एक साल क्विंट के साथ खेल की खबरें लिखने के बाद इसी काम में नया मुकाम हासिल करने के लिए TV9 हिंदी से रिश्ता जुड़ा. पिछले 3 साल से यहीं पर खेल की हर छोटी-बड़ी, गंभीर और मजेदार खबरें आप तक पहुंचा रहां हूं और लगातार बेहतर तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहा हूं.

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