अच्छी सेहत के लिए खानपान से लेकर फिजिकल एक्टिविटी का ख्याल रखना काफी जरूरी है, क्योंकि इन चीजों में थोड़ी कमी शरीर को अंदर से कमजोर बनाने लगती है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा करने लगती है. आज न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर में शुगर (डायबिटीज) के मरीज मौजूद है, जिनका शुगर लेवल अक्सर कंट्रोल से बाहर रहता है. यह समस्या आम लग सकती है, लेकिन आम है नहीं! आपको शायद जानकारी न हो, CDC (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, लगातार शुगर लेवल का बढ़ा रहना, दिल, आंख, किडनी समेत शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर असर डाल सकते हैं, इसलिए जरूरी है कि शुगर लेवल बढ़ने के कारण होने वाले खतरों और कैसे इसे कंट्रोल रख सकते हैं, इसके बारे में जान लें.
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शुगर की समस्या कैसे विकसित होती है
शुगर यानी डायबिटीज की समस्या तब बनती है जब शरीर में इंसुलिन हार्मोन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता या शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता. खासकर टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) में मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, खराब खानपान, ज्यादा मीठा व कैलोरी वाली डाइट, तनाव आदि कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ा सकते हैं. धीरे-धीरे खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है और लंबे समय तक यह स्थिति रहने पर डायबिटीज विकसित हो सकती है. आज ये बीमारी न सिर्फ बुजुर्गों बल्कि युवा और छोटे बच्चों को भी अपना शिकार बना रही है.
शुगर लेवल का कंट्रोल न होना शरीर का क्या हाल बना सकता है?
अगर आप सोचते हैं कि शुगर अगर कंट्रोल नहीं हो, तो इसका असर सेहत पर ज्यादा नहीं पड़ेगा, तो ये आपकी सबसे बड़ी भूल होगी. CDC के अनुसार, शुगर लेवल बढ़ने के कारण बीपी भी बढ़ता है, जो शरीर में किडनी और आंखों की सेहत पर सीधे तौर पर असर डालता है. इतना ही नहीं, डायबिटीज के कारण HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) कम हो जाता है और ट्राइग्लिसराइड्स (खून में मौजूद एक तरह का फैट) और LDL (बुरा कोलेस्ट्रॉल) बढ़ जाता है. इस कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक का भी खतरा काफी बढ़ जाता है.
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डायबिटीज का आंखों पर असर
शुगर की बीमारी में असर सिर्फ दिल पर नहीं होता है, बल्कि इसका प्रभाव आंखों पर भी पड़ता है. CDC के अनुसार, रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान (डायबिटिक रेटिनोपैथी) पहुंचाना, लेंस का धुंधला होना (मोतियाबिंद की समस्या) और आंख में तरल पदार्थ का दबाव बढ़ना (ग्लूकोमा) का खतरा भी बढ़ सकता है.
किडनी और अन्य समस्याएं
शुगर के बढ़े रहने किडनी पर भी असर पड़ सकता है. ब्लड शुगर का लेवल बढ़े रहने से क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) का खतरा पैदा हो सकता है. अगर इसका इलाज न किया जाए, तो क्रोनिक किडनी डिजीज (Chronic Kidney Disease) की वजह से किडनी फेल हो सकती है. डायबिटीज वाले हर 3 में से लगभग 1 एडल्ट को यह समस्या होती है. इसके अलावा नर्व डैमेज की समस्या, जो सुन्नपन, पैरों में दर्द आदि समस्याओं का भी कारण बन सकती है.
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कैसे रखें अपने आप को सुरक्षित?
इन समस्याओं से बचाव के लिए जरूरी है कि आप अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करें और CDC द्वारा बताए गए टिप्स का पालन करें. CDC के अनुसार, अपनी डाइट को हेल्दी रखें, फिजिकली एक्टिव रहे, नियमित रूप से शुगर की जांच करते रहें और धूम्रपान एकदम बंद कर दे. अगर वजन ज्यादा है, तो उसे कम करें, साथ ही; डॉक्टर द्वारा दी गई दवा को वक्त में लें और उनकी सलाह का पालन करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.