प्रधानमंत्री मोदी ने मित्र पुतिन को दिया खास गिफ्ट, तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद किया भेंट
Sep 11, 2026 05:08 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

BRICS SUMMIT 2026: ब्रिक्स समिट के लिए भारत आए रूसी राष्ट्रपति पुतिन को पीएम मोदी ने एक खास तोहफा दिया है। पीएम मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लूर की क्लासिक किताब का तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया है।

पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत दौरे पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लूर की क्लासिक किताब 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट किया है। तमिलनाडु के शुरुआती संगम साहित्य में अहम स्थान रखने वाली तिरुक्कुरल की रचना करीब 2000 साल पहले हुई थी। यह नैतिक साहित्य पाठकों को जीवन, मृत्यु और जिंदगी के अनेक पहलुओं के बारे में सीख देती है।
'सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ क्लासिकल' तमिल द्वारा प्रकाशित इस किताब में तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लूर के छंदों का मूल तमिल टेक्स्ट और रूसी अनुवाद शामिल है। बता दें, इस किताब का अनुवाद दुनिया की तमाम भाषाओं में हो चुका है। तमिल साहित्य की सबसे सम्मानित रचनाओं में से एक, 'तिरुक्कुरल' में 1,330 दोहे हैं, जो नैतिकता, सदाचार, शासन, प्रेम और जीवन-व्यवहार पर आधारित हैं। पुतिन को इसका रूसी भाषा का संस्करण भेंट करके, मोदी ने भारत की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया और साथ ही ऐसा प्रारूप चुना जो रूसी राष्ट्रपति के लिए समझने में आसान हो।
तिरुक्कुलर का रूस से है खास कनेक्शन
इस क्लासिक तमिल साहित्य का रूस के साथ भी एक खास कनेक्शन है। रूस के प्रसिद्ध लेखक लियो टॉल्स्टॉय भी 'तिरुक्कुरल' से काफी प्रभावित थे। वह इसकी अहिंसा की शिक्षाओं को आत्मसात करने के लिए भी जाने जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने ही बाद में महात्मा गांधी को भी इस किताब को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया था।
ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं रूसी राष्ट्रपति पुतिन
पीएम मोदी की तरफ से राष्ट्रपति पुतिन को यह तोहफा ऐसे समय में दिया गया है। जब राष्ट्रपति पुतिन 18वें ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। शुक्रवार अल सुबह नई दिल्ली पहुंचे पुतिन ने कुछ समय पहले ही पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान उन्होंने तमिल साहित्य की क्लासिक किताब के रूसी अनुवाद को रूसी राष्ट्रपति को भेंट किया।
प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से पुतिन को यह तोहफा ऐसे समय में दिया गया है जब दोनों देश अपने दशकों पुराने संबंधों को और भी ज्यादा मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच में करीब 50 मिनट तक बैठक हुई है।