मुख्यमंत्री सुक्खू ने सीतारमण से हिमाचल के लिए अतिरिक्त वित्तीय मदद मांगी

Published on 8 सित॰ 2026

शिमला, आठ सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को केंद्र से राज्य की विशेष भौगोलिक एवं आर्थिक परिस्थितियों और वित्तीय चुनौतियों को देखते हुए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया।

सुक्खू ने नयी दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुलाकात के दौरान कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद वित्त वर्ष 2026-27 से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के कारण हिमाचल प्रदेश के सामने हर साल करीब 8,000 करोड़ रुपये की कमी हो गई है।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने राज्य की कर्ज लेने की सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के मौजूदा तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य को अपनी अनिवार्य देनदारियां पूरी करने के साथ आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं और विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं के अधिक जोखिम और बुनियादी ढांचे के निर्माण एवं रखरखाव की अधिक लागत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सार्वजनिक सेवाओं की व्यवस्था और संचालन अपेक्षाकृत महंगा है।

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उन्होंने विशेष सहायता योजना ‘स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ (एसएएससीआई) के तहत आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेताओं को किए जाने वाले भुगतान को एसएनए-स्पर्श मॉडल से छूट देने की भी मांग की।

सुक्खू ने हिमाचल के लिए बाहरी सहायता-प्राप्त परियोजनाओं (ईएपी) के तहत आवंटन बढ़ाने और राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों एवं अधिक अवसंरचना लागत को देखते हुए इस मद में सहायता दोगुनी करने का अनुरोध भी किया।

बयान के मुताबिक, सीतारमण ने हिमाचल प्रदेश की वित्तीय जरूरतों और विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य की जायज वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक समर्थन देगा।

सीतारमण ने हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष केंद्रीय सहायता के तहत अतिरिक्त वित्तीय मदद पर भी विचार करने का आश्वासन दिया। इससे राज्य की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने और उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय